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2036 ओलंपिक के लिए भारत का बड़ा विजन, ‘Rising Together’ थीम पर अहमदाबाद से पेश होगी दावेदारी

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स्पोर्ट्स डेस्क। भारत ने 2036 ओलंपिक की मेजबानी हासिल करने के लिए अपनी तैयारियों और विजन को सामने रखना शुरू कर दिया है। भारत की पूरी दावेदारी ‘Rising Together’ यानी ‘साथ मिलकर आगे बढ़ना’ की थीम पर केंद्रित होगी।

भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अनुसार, भारत नवंबर के अंत तक पहली बार अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) की Future Host Commission के सामने अपने ओलंपिक प्रोजेक्ट का औपचारिक प्रेजेंटेशन देगा।

भारत की प्रस्तावित ओलंपिक मेजबानी का मुख्य केंद्र अहमदाबाद होगा। भारत ने इससे पहले 2024 में 2036 ओलंपिक की मेजबानी में अपनी रुचि जाहिर करते हुए IOC के पास Expression of Interest जमा किया था।

‘Rising Together’ के जरिए दुनिया के सामने रखेगा भारत का विजन

खेल मंत्री मनसुख मांडविया के मुताबिक, 2036 ओलंपिक की मेजबानी को लेकर भारत की सोच केवल खेल आयोजन तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य खेलों को देश के भविष्य और युवाओं के विकास से जोड़ना है।

उनका कहना है कि ओलंपिक और पैरालंपिक जैसे बड़े आयोजनों से देश के लाखों युवाओं को खेलों से जुड़ने की प्रेरणा मिल सकती है। इसके साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास के क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

पीटी उषा ने बताया ‘Rising Together’ का मतलब

IOA अध्यक्ष पीटी उषा ने ‘Rising Together’ को सिर्फ एक स्लोगन मानने से इनकार किया है। उनके मुताबिक यह भारत की ऊर्जा, विविधता और महत्वाकांक्षा को एक साझा ओलंपिक सपने से जोड़ने की सोच है।

भारत ऐसा ओलंपिक आयोजित करना चाहता है, जो दुनिया के सामने देश की युवा और तेजी से विकसित होती तस्वीर पेश करे। साथ ही इसके जरिए नई पीढ़ी को वैश्विक ओलंपिक आंदोलन से जोड़ने पर भी जोर रहेगा।

भारत समेत 7 देशों ने दिखाई मेजबानी में रुचि

2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत के अलावा जर्मनी, कतर, तुर्किये, हंगरी, दक्षिण कोरिया और दक्षिण अफ्रीका ने भी रुचि दिखाई है।

ऐसे में भारत को अपनी दावेदारी के लिए कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर IOC को भरोसा दिलाना होगा।

IOC के मूल्यांकन में सिर्फ स्टेडियम और खेल सुविधाएं ही नहीं, बल्कि वेन्यू मास्टर प्लान, खिलाड़ियों के लिए अनुभव, फंडिंग मॉडल, राजनीतिक एवं जनसमर्थन, आयोजन क्षमता और खेलों के बाद मिलने वाला दीर्घकालिक फायदा भी महत्वपूर्ण होगा।

2029 में होगा मेजबान देश का फैसला

भारत की पहली प्रस्तुति नवंबर के अंत तक होने की उम्मीद है। इसके बाद चयन प्रक्रिया में Strategic Dialogue का चरण आएगा।

IOC की मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार अंतिम चरण 2028 में शुरू होगा। इसके बाद 2036 ओलंपिक के मेजबान का फैसला 2029 में होने वाले IOC सत्र में वोटिंग के जरिए किया जाएगा।

भारत में खेल संस्कृति को बदलने का लक्ष्य

IOA का मानना है कि अगर भारत को 2036 ओलंपिक की मेजबानी मिलती है, तो इसका असर केवल आयोजन के दौरान तक सीमित नहीं रहेगा।

दावेदारी का एक बड़ा उद्देश्य युवाओं को सिर्फ ओलंपिक देखने वाले दर्शकों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें खेलों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करना है।

इसके अलावा खेल को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास से जोड़कर देश में एक मजबूत स्पोर्ट्स इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में भी काम करने का लक्ष्य है।

अब भारत की नजर नवंबर में होने वाली उस महत्वपूर्ण प्रस्तुति पर है, जहां ‘Rising Together’ के जरिए दुनिया के सामने 2036 ओलंपिक की अपनी पूरी तस्वीर पेश करेगा।

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