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अग्निवीरों के लिए नौकरी का रास्ता खुला: उत्तराखंड में 2 जवानों को PAC में समायोजित करने की मंजूरी, CAPF में भी आरक्षण का प्रावधान

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देहरादून। अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने जा रहे अग्निवीरों के लिए रोजगार के अवसरों को लेकर अहम घटनाक्रम सामने आया है। उत्तराखंड सरकार ने भारतीय सेना से नवंबर 2026 में सेवामुक्त होने वाले पहले बैच के दो अग्निवीरों को प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC) की 40वीं वाहिनी में उपलब्ध रिक्त पदों के सापेक्ष समायोजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 16 अक्टूबर को इस प्रस्ताव को अनुमोदन दिया।

राज्य सरकार के अनुसार, इस संबंध में केंद्र सरकार की ओर से पत्र भेजा गया था। हालांकि, यह मंजूरी फिलहाल दो जवानों के समायोजन से संबंधित है। इसे सभी पूर्व अग्निवीरों के लिए स्वतः लागू होने वाली नियुक्ति योजना नहीं समझना चाहिए।

उत्तराखंड में दो अग्निवीरों को कैसे मिलेगा अवसर?

उत्तराखंड सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, नवंबर 2026 में सेना से सेवामुक्त होने जा रहे पहले बैच के दो अग्निवीरों को 40वीं वाहिनी PAC में रिक्त पदों के सापेक्ष समायोजित करने की मंजूरी दी गई है।

यह फैसला ऐसे समय आया है, जब अग्निपथ योजना के शुरुआती बैच की चार साल की सेवा पूरी होने वाली है। इसके साथ ही पूर्व अग्निवीरों के लिए सेना के बाद रोजगार और पुनर्वास के विकल्पों पर चर्चा तेज हो गई है।

हालांकि, समायोजन की विस्तृत प्रक्रिया, पात्रता और अन्य शर्तों की जानकारी के लिए राज्य सरकार के संबंधित आदेश या आधिकारिक अधिसूचना देखना जरूरी होगा।

अग्निपथ योजना में चार साल बाद क्या होता है?

अग्निपथ योजना के तहत भर्ती होने वाले अग्निवीरों की सेवा अवधि चार साल निर्धारित है। सेवा पूरी होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया और प्रदर्शन के आधार पर अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल होने का अवसर मिल सकता है।

बाकी अग्निवीरों को सेवा पूरी होने के बाद नागरिक जीवन में लौटना होता है। ऐसे में उनके लिए पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राज्य सुरक्षा सेवाओं और अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसर महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

पूर्व अग्निवीरों को सेवा के बाद रोजगार उपलब्ध कराने के लिए केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों ने अलग-अलग स्तर पर आरक्षण, आयु सीमा में छूट तथा अन्य सुविधाओं से जुड़े प्रावधान किए हैं।

CAPF और असम राइफल्स में पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और असम राइफल्स में कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) तथा राइफलमैन के पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

उपलब्ध जानकारी में 21 जुलाई 2026 को लोकसभा में दिए गए जवाब के हवाले से इन पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए 50 प्रतिशत रिक्तियां आरक्षित होने का उल्लेख है। इसके साथ ही आयु सीमा में छूट का भी प्रावधान बताया गया है।

  • आरक्षण: पूर्व अग्निवीरों के लिए 50 प्रतिशत रिक्तियां आरक्षित होने का दावा संबंधित आधिकारिक भर्ती नियमों से सत्यापित किया जाना चाहिए।
  • आयु सीमा में छूट: सामान्य पूर्व अग्निवीरों को तीन साल की छूट और पहले बैच के लिए पांच साल की अतिरिक्त छूट का उल्लेख किया गया है।
  • चयन प्रक्रिया: शारीरिक मानक परीक्षण (PST), शारीरिक दक्षता परीक्षण (PET) और लिखित परीक्षा से छूट संबंधी दावे लागू भर्ती नियमों और अधिसूचना के अनुसार जांचे जाने चाहिए।

उम्मीदवारों को यह ध्यान रखना चाहिए कि आरक्षण, आयु सीमा और चयन प्रक्रिया की शर्तें भर्ती के प्रकार तथा संबंधित बल की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार लागू होती हैं। आवेदन करने से पहले नवीनतम नियमों की पुष्टि करना जरूरी है।

राज्यों में भी पूर्व अग्निवीरों के लिए रोजगार के विकल्प

उत्तराखंड के इस फैसले के अलावा विभिन्न राज्य सरकारों ने पूर्व अग्निवीरों को पुलिस और दूसरी सरकारी सेवाओं में अवसर देने के लिए अलग-अलग प्रावधानों की घोषणा की है। इनमें आरक्षण, आयु सीमा में छूट और भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिकता जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं।

हालांकि, सभी राज्यों में नियम एक जैसे नहीं हैं। कहीं सुविधा केवल कुछ पदों के लिए लागू होती है, तो कहीं पात्रता, आरक्षण प्रतिशत और चयन की शर्तें अलग हो सकती हैं। इसलिए उम्मीदवारों को संबंधित राज्य की आधिकारिक अधिसूचना के आधार पर ही अपनी पात्रता तय करनी चाहिए।

पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास पर बढ़ा ध्यान

अग्निपथ योजना के शुरुआती बैच की सेवा अवधि पूरी होने के करीब आने के साथ पूर्व अग्निवीरों के रोजगार का मुद्दा महत्वपूर्ण हो गया है। उत्तराखंड में दो जवानों के समायोजन को मंजूरी इस दिशा में एक सीमित लेकिन उल्लेखनीय कदम है।

हालांकि, पूर्व अग्निवीरों के व्यापक पुनर्वास के लिए उपलब्ध पदों, भर्ती नियमों और वास्तविक नियुक्तियों की स्थिति भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी। युवाओं के लिए सबसे जरूरी है कि वे केंद्र और राज्य सरकारों की आधिकारिक अधिसूचनाओं पर नजर रखें और आरक्षण तथा छूट से जुड़े नियमों की पुष्टि के बाद ही आवेदन करें।

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