विदेश डेस्क। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा को दोनों देशों के रणनीतिक और आर्थिक संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 20 अक्टूबर को मुंबई में उनकी भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता निर्धारित है। इस बैठक में व्यापार समझौते, रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों और उभरती तकनीकों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार तथा टैरिफ को लेकर चल रही बातचीत के बीच रुबियो का यह दौरा खास महत्व रखता है। दोनों देश आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ रक्षा और वैश्विक सुरक्षा के क्षेत्र में भी साझेदारी बढ़ाने के रास्ते तलाश सकते हैं।
ट्रेड डील और रक्षा सहयोग पर रहेगा फोकस
मार्को रुबियो और एस. जयशंकर की मुलाकात में भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर रहने की संभावना है। व्यापार, निवेश, रक्षा और सुरक्षा सहयोग के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर चल रही बातचीत भी एजेंडे का प्रमुख हिस्सा हो सकती है।
दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति को लेकर भी चर्चा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सेमीकंडक्टर, उन्नत तकनीक और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना भी दोनों देशों के साझा हितों में शामिल है।
यूक्रेन और पश्चिम एशिया के हालात पर भी चर्चा संभव
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी संघर्षों का असर ऊर्जा, खाद्य और उर्वरक की आपूर्ति पर पड़ रहा है। ऐसे में यूक्रेन और पश्चिम एशिया की परिस्थितियों पर भी दोनों पक्ष विचार-विमर्श कर सकते हैं।
रूस से भारत के तेल आयात और वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिति जैसे विषय भी व्यापक रणनीतिक बातचीत का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि, बैठक में किन मुद्दों पर अंतिम सहमति बनती है, यह आधिकारिक बातचीत के बाद ही स्पष्ट होगा।
26/11 आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि
मुंबई यात्रा के दौरान मार्को रुबियो के ताज महल पैलेस होटल स्थित स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने का कार्यक्रम भी बताया गया है। यह स्मारक नवंबर 2008 में हुए 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के पीड़ितों की स्मृति से जुड़ा है।
उस आतंकी हमले में ताज होटल समेत मुंबई के कई प्रमुख स्थानों को निशाना बनाया गया था। रुबियो की प्रस्तावित श्रद्धांजलि यात्रा आतंकवाद के खिलाफ भारत और अमेरिका की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक मानी जा रही है।
गुजरात के जामनगर भी जाएंगे अमेरिकी विदेश मंत्री
मुंबई में आधिकारिक कार्यक्रमों के बाद रुबियो के गुजरात के जामनगर जाने का कार्यक्रम बताया गया है। वहां रिलायंस इंडस्ट्रीज के अधिकारियों से उनकी मुलाकात और रिफाइनरी से संबंधित कार्यक्रम प्रस्तावित है।
ऊर्जा क्षेत्र में भारत और अमेरिका के हितों को देखते हुए इस दौरे पर भी नजर रहेगी। तेल शोधन, ऊर्जा आपूर्ति और तकनीकी सहयोग जैसे विषय दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिए अहम हैं।
भारत-अमेरिका संबंधों के लिए क्यों अहम है यह यात्रा?
मार्को रुबियो की यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब दोनों देश व्यापार समझौते पर बातचीत आगे बढ़ाने और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इससे पहले मई में रुबियो ने नई दिल्ली में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया था।
इस बार की वार्ता में व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और तकनीक से जुड़े मुद्दों पर प्रगति दोनों देशों के संबंधों की आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकती है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि बैठक के बाद व्यापार समझौते और अन्य साझा प्राथमिकताओं को लेकर क्या संकेत सामने आते हैं।