एशियन गेम्स 2026: भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने आखिरकार एशियन गेम्स में अपना पहला पदक जीत लिया। बुधवार को आइची-नागोया में महिलाओं की 49 किग्रा भारोत्तोलन स्पर्धा में उन्होंने 198 किग्रा के कुल वजन के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया। चानू ने स्नैच में 87 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 111 किग्रा वजन उठाया।
पहली बार एशियन गेम्स के पोडियम पर पहुंचीं मीराबाई
मीराबाई के शानदार करियर में ओलंपिक, वर्ल्ड चैंपियनशिप और कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक पहले से मौजूद हैं, लेकिन एशियन गेम्स का पदक अब तक उनकी उपलब्धियों से दूर था। 2014 के इंचियोन एशियन गेम्स में वह नौवें स्थान पर रही थीं, जबकि 2018 में चोट के कारण प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकीं। 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में चोट के बीच उनका अभियान चौथे स्थान पर समाप्त हुआ था।
28 साल बाद वेटलिफ्टिंग में भारत को पदक
मीराबाई की सिल्वर जीत भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए भी खास है। एशियन गेम्स में भारत ने आखिरी बार 1998 में कर्णम मल्लेश्वरी के जरिए वेटलिफ्टिंग पदक जीता था। इसके बाद करीब 28 साल तक इस खेल में भारतीय पदक का इंतजार बना रहा। मीराबाई ने नागोया में सिल्वर जीतकर इस लंबे अंतराल को खत्म कर दिया।
हांगझोउ की निराशा के बाद नागोया में वापसी
2023 में पदक से मामूली अंतर से चूकने के बाद मीराबाई ने नागोया में शानदार प्रदर्शन किया। स्नैच के तीनों प्रयास सफल रहे, जहां उन्होंने 83, 85 और 87 किग्रा वजन उठाया। इसके बाद क्लीन एंड जर्क में 107 किग्रा के शुरुआती सफल प्रयास के बाद 111 किग्रा उठाकर कुल 198 किग्रा का स्कोर बनाया।
इस स्पर्धा में उत्तर कोरिया की री सोंग-गुम ने 215 किग्रा के कुल वजन के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि इंडोनेशिया की लुलुक डियाना त्रि विजायाना ने 191 किग्रा के साथ कांस्य पदक हासिल किया।
बड़े अंतरराष्ट्रीय खिताबों की सूची में जुड़ा नया पदक
मीराबाई चानू ने 2017 में वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण जीता था और टोक्यो ओलंपिक में 49 किग्रा वर्ग का सिल्वर मेडल हासिल किया था। कॉमनवेल्थ गेम्स में भी उनके नाम कई स्वर्ण पदक हैं। अब एशियन गेम्स का सिल्वर उनके प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पदकों की सूची में शामिल हो गया है।