राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत 24 से 26 अक्टूबर तक मध्य प्रदेश के जबलपुर प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे संघ के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे और स्वयंसेवकों तथा संगठन के दायित्ववान कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। उनके प्रवास में महाविद्यालयीन स्वयंसेवकों का पथ संचलन, संगठनात्मक बैठकें और युवा स्वयंसेवकों के साथ संवाद प्रमुख कार्यक्रम होंगे।
संघ के इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में महाकोशल प्रांत के करीब पांच हजार महाविद्यालयीन स्वयंसेवकों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। शिविर के माध्यम से युवाओं को संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़ने और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करने पर जोर रहेगा।
दीनदयाल चौक से निकलेगा पथ संचलन
प्रवास के पहले दिन शनिवार को महाविद्यालयीन स्वयंसेवकों का पथ संचलन आयोजित किया जाएगा। यह संचलन दोपहर 3 बजे दीनदयाल चौक से प्रारंभ होकर लगभग 3:30 बजे अहिंसा चौक पर समाप्त होगा।
करीब ढाई किलोमीटर लंबे इस संचलन में दो हजार से अधिक स्वयंसेवकों के शामिल होने की संभावना जताई गई है। कार्यक्रम के बाद शाम 4:30 बजे डॉ. मोहन भागवत नरसिंह मंदिर परिसर में महानगर के मुख्य शिक्षक और उनसे ऊपर के लगभग 1200 दायित्ववान कार्यकर्ताओं की बैठक लेंगे।
युवा स्वयंसेवकों से संवाद करेंगे सरसंघचालक
महाकोशल प्रांत के महाविद्यालयीन स्वयंसेवकों का तीन दिवसीय शिविर 23 अक्टूबर से श्रीराम इंजीनियरिंग कॉलेज में शुरू हो चुका है। इस शिविर में लगभग पांच हजार स्वयंसेवकों के भाग लेने की जानकारी है।
डॉ. मोहन भागवत शिविर के दौरान युवा स्वयंसेवकों से संवाद करेंगे। इस दौरान युवाओं के सवालों, उनकी जिज्ञासाओं और संगठन से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। संघ के लिए युवा स्वयंसेवकों के साथ यह संवाद प्रवास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
संगठनात्मक गतिविधियों पर होगा मंथन
पथ संचलन के बाद होने वाली बैठक में डॉ. भागवत कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक गतिविधियों और संघ के कार्यों से संबंधित विषयों पर चर्चा करेंगे। इस दौरान कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।
बैठक में महानगर स्तर पर संगठन के कार्यों और जिम्मेदारियों से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श होने की जानकारी दी गई है।
26 अक्टूबर को प्रांत के पदाधिकारियों के साथ बैठक
डॉ. भागवत के प्रवास के दूसरे दिन, 25 अक्टूबर को महाकोशल प्रांत के महाविद्यालयीन स्वयंसेवकों के शिविर में सहभागिता का कार्यक्रम है। वहीं, 26 अक्टूबर को वे संघ की महाकोशल प्रांत कार्यकारिणी और विभाग टोली के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे।
तीन दिवसीय प्रवास के दौरान युवा स्वयंसेवकों से संवाद के साथ संगठनात्मक विषयों पर चर्चा भी कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा रहेगी।
भारतीय विज्ञानियों के योगदान पर प्रदर्शनी
श्रीराम इंजीनियरिंग कॉलेज में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महाकोशल प्रांत की ओर से भारत के महान विज्ञानियों के योगदान पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई है। शुक्रवार को इसका शुभारंभ RSS महाकोशल प्रांत के प्रांत संघचालक डॉ. प्रदीप दुबे, मध्य क्षेत्र के सह क्षेत्र बौद्धिक प्रमुख हितानंद शर्मा और अन्य पदाधिकारियों ने किया।
प्रदर्शनी के माध्यम से भारतीय विज्ञानियों के योगदान और देश की वैज्ञानिक परंपरा को सामने लाने का प्रयास किया गया है।
डॉ. मोहन भागवत का यह प्रवास संगठनात्मक बैठकों, युवा स्वयंसेवकों के संवाद और विभिन्न कार्यक्रमों के लिहाज से महाकोशल प्रांत के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है।