Meta Pixel

छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू, 3100 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा भाव; सरकार ने रखा 160 लाख टन का लक्ष्य

Spread the love

रायपुर। छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए धान खरीदी को लेकर बड़ी खबर है। राज्य में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होगी, जो 31 जनवरी 2027 तक चलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुर्ग में आयोजित पंडवानी महासम्मेलन के दौरान धान खरीदी की तारीख का ऐलान किया।

सरकार के मुताबिक, किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जाएगा। पंजीकृत किसानों से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान की खरीदी की जाएगी। इस सीजन में राज्य सरकार ने कुल 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया है। पिछले साल 140 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया था। इस बार लक्ष्य में 20 लाख मीट्रिक टन की बढ़ोतरी की गई है।

160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य, पिछले साल से 20 लाख टन ज्यादा

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का दायरा लगातार बढ़ा है। खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में जहां 98 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य था, वहीं 2026-27 के लिए इसे बढ़ाकर 160 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है।

पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, धान खरीदी का लक्ष्य लगभग 63 प्रतिशत बढ़ा है। यानी इस अवधि में लक्ष्य में 62 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि हुई है।

इस साल निर्धारित लक्ष्य पिछले सीजन के मुकाबले भी काफी अधिक है। सरकार को उम्मीद है कि खरीदी व्यवस्था के जरिए अधिक से अधिक पंजीकृत किसानों से धान का उपार्जन किया जा सकेगा।

किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान

राज्य में धान खरीदी के दौरान किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किए जाने की जानकारी दी गई है। वहीं, पंजीकृत किसानों से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदा जाएगा।

धान बेचने की तैयारी कर रहे किसानों के लिए जरूरी है कि वे अपना पंजीयन, बैंक खाते से संबंधित जानकारी और अन्य आवश्यक दस्तावेज समय रहते दुरुस्त करा लें, ताकि खरीदी के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।

धान बेचने के लिए एग्रीस्टैक पंजीयन जरूरी

इस खरीफ सीजन में धान बेचने के लिए किसानों को एग्रीस्टैक पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन कराना अनिवार्य बताया गया है। इसलिए किसानों को अपनी पंजीयन संबंधी जानकारी की जांच कर लेनी चाहिए।

पंजीयन में किसी तरह की त्रुटि होने पर समय रहते उसे ठीक कराना जरूरी होगा। इससे खरीदी केंद्रों पर धान बेचने के समय होने वाली संभावित परेशानियों से बचा जा सकेगा।

टोकन के जरिए होगी धान खरीदी

धान उपार्जन केंद्रों पर किसानों की सुविधा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए टोकन प्रणाली के माध्यम से खरीदी की जाएगी। किसानों को निर्धारित तारीख पर ही अपना धान लेकर केंद्र पहुंचना होगा।

टोकन मिलने के बाद किसान को उसमें दर्ज तारीख और अन्य निर्देशों का पालन करना चाहिए। इससे खरीदी केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ कम करने और प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने में मदद मिल सकती है।

बायोमेट्रिक सत्यापन और धान की गुणवत्ता पर भी नजर

धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उपार्जन केंद्रों पर किसानों का बायोमेट्रिक सत्यापन किए जाने की जानकारी दी गई है।

इसके साथ ही धान की गुणवत्ता और नमी के मानकों का पालन करना भी जरूरी होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, धान में नमी की मात्रा 17 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरने वाले धान की खरीदी में परेशानी हो सकती है।

इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे धान को अच्छी तरह सुखाकर और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार करके ही खरीदी केंद्रों पर लेकर जाएं।

31 जनवरी 2027 तक चलेगी खरीदी, किसानों की तैयारी शुरू

छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर 2026 से शुरू होने वाली धान खरीदी 31 जनवरी 2027 तक जारी रहेगी। राज्य सरकार ने इस सीजन में 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है, जो पिछले साल की तुलना में 20 लाख मीट्रिक टन अधिक है।

अब किसानों के लिए सबसे जरूरी है कि वे पंजीयन, टोकन, बैंक खाते और धान की गुणवत्ता से जुड़ी तैयारियां समय पर पूरी कर लें।

धान खरीदी की तारीख घोषित होने के साथ ही प्रदेश के किसानों की नजरें अब खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं, टोकन की उपलब्धता और समय पर भुगतान पर रहेंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *