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PM Modi के पुराने स्कूलमेट का भायंदर जमीन विवाद: 2,810 वर्ग मीटर प्लॉट पर नया अपडेट, नरेंद्र मेहता ने कब्जा छोड़ने की कही बात

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PM Modi School Friend: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने स्कूलमेट असगर अली वोरा से जुड़े भायंदर जमीन विवाद में नया मोड़ सामने आया है। बीजेपी विधायक नरेंद्र मेहता की ओर से विवादित जमीन का कब्जा छोड़ने और उस प्लॉट के लिए मिली निर्माण अनुमति वापस करने की बात कही गई है। इसके अलावा, वोरा के खिलाफ पहले दर्ज कराई गई शिकायत वापस लेने की जानकारी भी सामने आई है।

यह मामला 8 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और असगर अली वोरा की मुलाकात के बाद फिर चर्चा में आया। वोरा ने पीएम मोदी के सामने भायंदर ईस्ट के नवघर इलाके में स्थित अपनी जमीन का मुद्दा उठाया था। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर बैठक और आगे की कार्रवाई की जानकारी सामने आई।

2,810 वर्ग मीटर जमीन का क्या है विवाद?

81 वर्षीय असगर अली वोरा के मुताबिक, उन्होंने वर्ष 1989 में करीब 2,810 वर्ग मीटर जमीन खरीदी थी। उनका आरोप है कि वर्ष 2011 में इस जमीन पर स्वयं बिल्डर्स और नरेंद्र मेहता से जुड़ी सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शन्स ने कब्जा कर लिया।

वोरा का कहना है कि वह करीब 15 वर्षों से अलग-अलग सरकारी विभागों और अधिकारियों के सामने जमीन विवाद को उठाते रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान भी उन्होंने इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी।

हालांकि, जमीन पर अवैध कब्जे और दस्तावेजों से जुड़े आरोप वोरा की ओर से लगाए गए दावे हैं। इन्हें अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।

पीएम मोदी से मुलाकात के बाद क्या हुआ?

8 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां बढ़ने की जानकारी सामने आई।

रिपोर्टों के मुताबिक, मंत्रालय में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्रीकर परदेशी की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें असगर अली वोरा और नरेंद्र मेहता के अलावा मीरा-भायंदर नगर आयुक्त राधा बिनोद शर्मा और टाउन प्लानर पुरुषोत्तम शिंदे भी शामिल हुए।

बैठक के दौरान नरेंद्र मेहता की ओर से टाउन प्लानिंग विभाग को पत्र दिए जाने की बात कही गई। इसमें विवादित जमीन का कब्जा छोड़ने और उस पर मिली निर्माण अनुमति सरेंडर करने की जानकारी सामने आई।

नरेंद्र मेहता ने जमीन खरीदने को लेकर क्या कहा?

नरेंद्र मेहता की ओर से दिए गए पत्र के मुताबिक, जमीन वर्ष 2019 में मर्विन फर्नांडिस से खरीदी गई थी।

इसके अलावा, पुलिस कमिश्नर को लिखे एक अलग पत्र में असगर अली वोरा के खिलाफ पहले की गई शिकायत वापस लेने की बात कही गई है।

रिपोर्टों के अनुसार, मेहता की ओर से दोनों पक्षों के बीच समझौता होने की बात भी कही गई है। हालांकि, समझौते की पूरी शर्तें और जमीन के स्वामित्व से जुड़े सभी कानूनी पहलुओं की जानकारी उपलब्ध विवरण में स्पष्ट नहीं है।

दोनों की मुलाकात का स्कूल कनेक्शन

असगर अली वोरा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच पुराना स्कूल कनेक्शन बताया गया है। दोनों ने गुजरात के वडनगर स्थित बीएन स्कूल में साथ पढ़ाई की थी।

वोरा की उम्र 81 वर्ष बताई गई है। उन्होंने 8 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान भायंदर की जमीन का मामला उठाया था।

15 साल पुराने विवाद में आया नया मोड़

असगर अली वोरा लंबे समय से जमीन विवाद को लेकर सरकारी विभागों और अधिकारियों से संपर्क कर रहे थे। अब प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद नरेंद्र मेहता की ओर से कब्जा छोड़ने, निर्माण अनुमति वापस करने और शिकायत वापस लेने की जानकारी सामने आई है।

यह घटनाक्रम जमीन विवाद में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक मोड़ के रूप में सामने आया है। हालांकि, जमीन के स्वामित्व, कब्जे और दस्तावेजों से जुड़े सभी सवालों का अंतिम समाधान संबंधित कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगा।

निष्कर्ष: भायंदर के 2,810 वर्ग मीटर जमीन विवाद में पीएम मोदी के पुराने स्कूलमेट असगर अली वोरा की मुलाकात के बाद नया अपडेट सामने आया है। नरेंद्र मेहता की ओर से कब्जा छोड़ने और निर्माण अनुमति वापस करने की बात कही गई है। अब इस मामले में आगे की प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी।

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