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कर्मचारी चयन मंडल; परीक्षाओं में प्रमाणीकरण में सख्ती की तैयारी:डमी अभ्यर्थियों को रोकने नई व्यवस्था…भर्तियों में आवेदन से जॉइनिंग तक आधार से होगी पहचान

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प्रदेश की सरकारी भर्ती परीक्षाओं में फर्जी और डमी अभ्यर्थियों को रोकने के लिए आधार प्रमाणीकरण लागू करने की तैयारी है। कर्मचारी चयन मंडल आवेदन से लेकर परीक्षा और जॉइनिंग तक अलग-अलग चरणों में अभ्यर्थियों की पहचान सत्यापित कर सकेगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आवेदन करने, परीक्षा देने और नौकरी ज्वाइन करने वाला व्यक्ति एक ही है।

छत्तीसगढ़ में कर्मचारी चयन मंडल का गठन कुछ महीने पहले हुआ है। यह तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्ती परीक्षाओं के साथ प्रवेश और पात्रता परीक्षाएं भी आयोजित करेगा। पहले ये परीक्षाएं व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) कराता था। अभी परीक्षा केंद्रों पर आधार कार्ड या अन्य वैध फोटोयुक्त पहचान पत्र देखकर प्रवेश दिया जाता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद पहचान की जांच डिजिटल माध्यम से भी होगी। इससे दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने वाले डमी कैंडिडेट की तत्काल पहचान हो सकेगी। चयन के बाद जॉइनिंग के समय भी सत्यापन किया जाएगा, ताकि परीक्षा देने और नौकरी ज्वाइन करने वाले व्यक्ति की पहचान में अंतर न रहे।

फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन या ई-केवाईसी से जांच

परीक्षा केंद्र और जॉइनिंग के समय फिंगरप्रिंट, आईरिस यानी आंखों की पुतली के स्कैन या ई-केवाईसी से पहचान सत्यापित की जा सकेगी। फिलहाल यह प्रक्रिया स्वैच्छिक होगी और अभ्यर्थी की लिखित सहमति से ही आधार प्रमाणीकरण किया जाएगा। तकनीकी समस्या या किसी अन्य वैध कारण से आधार प्रमाणीकरण नहीं होने पर अभ्यर्थी को प्रक्रिया से बाहर नहीं किया जाएगा। उसकी पहचान ई-केवाईसी या दूसरे वैध दस्तावेजों के माध्यम से सत्यापित की जाएगी।

अभ्यर्थियों के साथ परीक्षा कर्मचारियों का भी सत्यापन

नई व्यवस्था केवल अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं रहेगी। परीक्षा संचालन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों का भी आधार प्रमाणीकरण किया जा सकेगा। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया के प्रत्येक स्तर पर संबंधित व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित करना और गड़बड़ी की गुंजाइश कम करना है।

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