नई दिल्ली। वर्ष 2027 में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उत्तर प्रदेश, पंजाब, मणिपुर, गोवा और उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर आयोग प्रशासनिक और चुनावी व्यवस्थाओं की समीक्षा में जुट गया है। इसी कड़ी में 2 नवंबर को उत्तर प्रदेश के चार प्रशासनिक मंडलों के 18 जिलों में चुनावी तैयारियों का जायजा लिया गया।
आयोग ने अधिकारियों को मतदाता सूची दुरुस्त करने, मतदान केंद्रों पर जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने, ईवीएम और वीवीपैट के सुरक्षित प्रबंधन तथा चुनावी ड्यूटी में तैनात होने वाले कर्मचारियों के प्रशिक्षण की तैयारी समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अधिकारियों के तबादलों को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
यूपी के 4 मंडलों के 18 जिलों की समीक्षा
2 नवंबर को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के चार मंडलों के 18 जिलों की चुनावी तैयारियों पर चर्चा की गई। निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने को कहा है।
विशेष रूप से पहली बार मतदान के योग्य होने वाले युवाओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा मतदान केंद्रों पर पेयजल, बिजली, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता जांचने के निर्देश दिए गए हैं।
आयोग ने ईवीएम और वीवीपैट मशीनों के सुरक्षित रखरखाव के साथ चुनावी प्रक्रिया में शामिल होने वाले कर्मचारियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था समय रहते पूरी करने को भी कहा है।
एक जिले में 3 साल पूरे करने वाले अधिकारियों का होगा तबादला
चुनाव के दौरान प्रशासनिक निष्पक्षता बनाए रखने के लिए निर्वाचन आयोग ने अधिकारियों की तैनाती को लेकर सख्त नीति अपनाई है।
निर्देशों के अनुसार, चुनाव से जुड़े ऐसे अधिकारी जिन्होंने पिछले चार वर्षों की निर्धारित अवधि में एक ही जिले में तीन साल पूरे कर लिए हैं या 31 मई 2027 तक यह अवधि पूरी कर लेंगे, उन्हें संबंधित जिले से हटाया जाएगा।
इसके साथ ही किसी भी अधिकारी को उसके गृह जिले में चुनावी जिम्मेदारी नहीं सौंपी जाएगी। इस व्यवस्था के दायरे में निर्वाचन से जुड़े प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं।
इनमें इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO), सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM), जॉइंट मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) और तहसीलदार स्तर के अधिकारी शामिल हैं।
मुख्य सचिव और DGP से 30 नवंबर तक मांगी रिपोर्ट
निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिया है कि अधिकारियों के तबादलों से संबंधित दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन कराया जाए।
आयोग ने 30 नवंबर तक संयुक्त अनुपालन रिपोर्ट सौंपने को कहा है। इस रिपोर्ट में तबादला किए गए अधिकारियों की सूची, उनकी नई पदस्थापना और गृह जिले से संबंधित विवरण शामिल करना होगा।
पांच राज्यों में चुनावी तैयारियों का बढ़ेगा दायरा
उत्तर प्रदेश, पंजाब, मणिपुर, गोवा और उत्तराखंड में 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में निर्वाचन आयोग की शुरुआती तैयारियों को चुनावी प्रक्रिया की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मतदाता सूची का पुनरीक्षण, मतदान केंद्रों की व्यवस्था, ईवीएम प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों की निष्पक्ष तैनाती चुनाव की तैयारियों के अहम हिस्से हैं। आयोग का जोर है कि चुनाव की घोषणा से पहले प्रशासनिक और तकनीकी व्यवस्थाएं व्यवस्थित कर ली जाएं, ताकि मतदान प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराई जा सके।