जगदलपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को बस्तर के दौरे पर पहुंच रही हैं। अपने प्रवास के दौरान वे मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी और सिरहासार भवन में आयोजित ऐतिहासिक मुरिया दरबार में शामिल होंगी। इस दौरान राष्ट्रपति जनजातीय समाज के मांझी-चालकियों और अन्य प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं पर चर्चा करेंगी। राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी बस्तर दौरे पर रवाना हुए हैं।
मुरिया दरबार में जनजातीय प्रतिनिधियों से करेंगी संवाद
राष्ट्रपति के कार्यक्रम की शुरुआत मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन-पूजन से होगी। इसके बाद वे सिरहासार भवन में आयोजित मुरिया दरबार पहुंचेंगी। यहां बस्तर की पारंपरिक व्यवस्था से जुड़े मांझी-चालकियों और जनजातीय प्रतिनिधियों के साथ संवाद प्रस्तावित है। इसके बाद राष्ट्रपति उनके साथ दोपहर का भोजन करेंगी।
बस्तर दशहरा की विशिष्ट परंपराओं में शामिल मुरिया दरबार में राष्ट्रपति की भागीदारी को जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस आयोजन में शामिल होने वाली वे देश की पहली राष्ट्रपति होंगी।
लालबाग मैदान में देखेंगी बस्तर दशहरा प्रदर्शनी
मुरिया दरबार के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लालबाग मैदान पहुंचेंगी। यहां वे बस्तर दशहरा प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगी और आमसभा को संबोधित करेंगी। कार्यक्रम पूरा होने के बाद वे जगदलपुर एयरपोर्ट से विशेष विमान द्वारा रायपुर होते हुए नई दिल्ली लौटेंगी।
राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राष्ट्रपति के प्रवास को देखते हुए जगदलपुर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। एयरपोर्ट, सिरहासार भवन और मां दंतेश्वरी मंदिर सहित प्रमुख क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस ने निर्धारित मार्गों की मेटल डिटेक्टर और डॉग स्क्वायड की मदद से जांच भी की है।
राष्ट्रपति के काफिले की आवाजाही के दौरान एयरपोर्ट से सिटी कोतवाली चौक, गोलबाजार, मां दंतेश्वरी मंदिर और सिरहासार भवन की ओर जाने वाले मार्गों पर कुछ समय के लिए यातायात रोका जा रहा है। आम नागरिकों को असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
एयरपोर्ट के 25 किलोमीटर के दायरे में ड्रोन प्रतिबंधित
सुरक्षा कारणों से जिला प्रशासन ने जगदलपुर एयरपोर्ट के 25 किलोमीटर के दायरे में 23 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया है। वहीं, सिरहासार भवन और मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर के 3 किलोमीटर के दायरे में सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक ड्रोन उड़ाने की अनुमति नहीं होगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
बस्तर की परंपरा और जनजातीय संस्कृति पर रहेगा फोकस
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय परंपराओं और स्थानीय समुदायों के साथ संवाद के लिहाज से महत्वपूर्ण है। मुरिया दरबार और बस्तर दशहरा प्रदर्शनी में उनकी भागीदारी से देशभर का ध्यान इस क्षेत्र की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान पर केंद्रित होगा।