धनतेरस के मौके पर सोना और चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को घरेलू वायदा बाजार में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना करीब 1.18% टूटकर 1,42,750 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, चांदी की कीमत में 1.54% की गिरावट आई और यह 1,84,650 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार करती नजर आई।
धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसे में कीमतों में आई इस नरमी से खरीदारों को कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, बाजार में भाव लगातार बदलते रहते हैं और अलग-अलग शहरों में स्थानीय टैक्स व ज्वेलर्स के कारण कीमतों में अंतर हो सकता है।
MCX पर सोना 1,220 रुपये और चांदी 2,251 रुपये सस्ती
शुक्रवार सुबह के कारोबार में MCX पर सोने की कीमत करीब 1,220 रुपये गिरकर 1,42,750 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई। प्रतिशत के हिसाब से इसमें लगभग 1.18% की कमजोरी दर्ज की गई।
वहीं, चांदी का वायदा भाव करीब 2,251 रुपये टूटकर 1,84,650 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। इसमें लगभग 1.54% की गिरावट रही।
ध्यान देने वाली बात है कि MCX के भाव वायदा बाजार के कॉन्ट्रैक्ट और कारोबार के समय के अनुसार बदलते हैं। इसलिए इन्हें ज्वेलरी दुकानों पर मिलने वाला अंतिम खुदरा भाव नहीं समझना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव क्यों?
घरेलू बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। गुरुवार के कारोबार में स्पॉट गोल्ड करीब 1% मजबूत होकर 4,100.27 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया था। कारोबार के दौरान इसने 4,146.63 डॉलर प्रति औंस का ऊंचा स्तर भी छुआ।
हालांकि, शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में फिर कमजोरी देखने को मिली।
सोने की कीमतों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारणों में अमेरिकी डॉलर की चाल, बॉन्ड यील्ड, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां शामिल हैं। आर्थिक अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक अक्सर सोने को सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में देखते हैं। वहीं, डॉलर मजबूत होने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने पर दबाव बन सकता है।
अमेरिकी रोजगार आंकड़ों पर निवेशकों की नजर
अंतरराष्ट्रीय बाजार के निवेशक अमेरिकी रोजगार से जुड़े आंकड़ों पर भी नजर बनाए हुए हैं। इन आंकड़ों से अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति और फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर नीति के संकेत मिल सकते हैं।
अगर रोजगार के आंकड़े कमजोर आते हैं तो ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ सकती है, जिससे सोने की कीमतों को समर्थन मिल सकता है। हालांकि, डॉलर और बॉन्ड यील्ड की चाल भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
6 नवंबर को देश के प्रमुख शहरों में सोने-चांदी के भाव
उपलब्ध शहरवार रेट के अनुसार, देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के साथ चांदी की कीमतें इस प्रकार रहीं:
| शहर | 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) | 22 कैरेट सोना (10 ग्राम) | चांदी (1 किलो) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹1,42,250 | ₹1,30,396 | ₹1,83,990 |
| मुंबई | ₹1,42,490 | ₹1,30,616 | ₹1,84,310 |
| बेंगलुरु | ₹1,42,610 | ₹1,30,726 | ₹1,84,460 |
| कोलकाता | ₹1,42,250 | ₹1,30,396 | ₹1,84,200 |
| हैदराबाद | ₹1,42,660 | ₹1,30,773 | ₹1,84,740 |
| चेन्नई | ₹1,42,850 | ₹1,30,946 | ₹1,84,980 |
<text color=”secondary” size=”xs”>नोट: ये उपलब्ध शहरवार रेट हैं। वास्तविक खुदरा कीमत में GST, मेकिंग चार्ज और स्थानीय शुल्क के कारण अंतर हो सकता है।</text>
24 कैरेट और 22 कैरेट सोने में क्या होता है अंतर?
सोना खरीदते समय उसकी शुद्धता समझना बेहद जरूरी है। बाजार में मुख्य रूप से 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने की खरीदारी होती है।
- 24 कैरेट सोना: इसमें लगभग 99.9% शुद्ध सोना होता है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से सोने के सिक्के और बार बनाने में किया जाता है।
- 22 कैरेट सोना: इसमें लगभग 91.6% सोना होता है। बाकी हिस्से में दूसरी धातुएं मिलाई जाती हैं, जिससे गहने मजबूत और टिकाऊ बनते हैं।
यही वजह है कि ज्यादातर सोने के आभूषण 22 कैरेट में बनाए जाते हैं, जबकि निवेश के लिए 24 कैरेट सोने के सिक्के और बार लोकप्रिय हैं।
999 चांदी का क्या मतलब होता है?
चांदी खरीदते समय 999 फाइन सिल्वर का नाम अक्सर सुनने को मिलता है। इसका मतलब है कि चांदी में 99.9% शुद्धता मौजूद है। इस शुद्धता वाली चांदी का इस्तेमाल सिक्के और बार बनाने में किया जाता है।
हालांकि, चांदी के गहनों में मजबूती के लिए अन्य धातुएं भी मिलाई जा सकती हैं। इसलिए खरीदारी से पहले शुद्धता और हॉलमार्क की जानकारी जरूर लें।
धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने से पहले इन 6 बातों का रखें ध्यान
- BIS हॉलमार्क जांचें: सोने के आभूषण खरीदते समय हॉलमार्क और HUID नंबर जरूर देखें।
- शुद्धता की पुष्टि करें: दुकानदार से सोने या चांदी की कैरेट और फाइननेस की जानकारी लें।
- मेकिंग चार्ज पूछें: अलग-अलग ज्वेलर्स के मेकिंग चार्ज की तुलना करें।
- GST का हिसाब समझें: खरीदारी से पहले कुल बिल में लगने वाले टैक्स की जानकारी लें।
- पक्का बिल लें: वजन, शुद्धता, कीमत और अन्य शुल्क का पूरा विवरण बिल में होना चाहिए।
- निवेश का उद्देश्य समझें: केवल एक दिन की कीमत में गिरावट देखकर जल्दबाजी में बड़ा निवेश न करें।
क्या आने वाले दिनों में और सस्ता हो सकता है सोना-चांदी?
आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर, ब्याज दरें, बॉन्ड यील्ड और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां इनकी कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं।
डॉलर कमजोर होने और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ने पर सोने को समर्थन मिल सकता है। इसके विपरीत डॉलर मजबूत होने से कीमतों पर दबाव बन सकता है।
इसलिए धनतेरस पर खरीदारी करने वाले ग्राहकों को केवल एक दिन की गिरावट देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। खरीदारी से पहले स्थानीय बाजार का ताजा भाव और कुल लागत जरूर जांच लें।