रायपुर। विश्व आयुर्वेद दिवस के अवसर पर रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयुर्वेद महासम्मेलन और सेवा महाकुंभ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रक्तदान, देहदान के संकल्प और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। आयोजकों के अनुसार, एक ही स्थान पर 3 हजार से अधिक लोगों ने रक्तदान किया, जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।
महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
सेवा महाकुंभ में रक्तदान को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। आयोजन के दौरान 3 हजार से ज्यादा लोगों ने रक्तदान किया। आयोजकों के मुताबिक, इनमें 1 हजार से अधिक महिलाएं भी शामिल रहीं। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी इस आयोजन की प्रमुख विशेषताओं में रही।
विधायक और कलेक्टर ने लिया देहदान का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान विधायक अनुज शर्मा और रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह ने अपनी पत्नियों के साथ देहदान का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दोनों को इस पहल के लिए सम्मानित किया।
आयोजकों के अनुसार, देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और चिकित्सा शिक्षा व अनुसंधान के लिए शरीर दान के महत्व को लेकर लोगों को जानकारी भी दी गई।
रक्तदान के साथ कई सामाजिक गतिविधियां
सेवा महाकुंभ में रक्तदान और देहदान के अलावा स्वास्थ्य जांच समेत कई सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। कार्यक्रम स्थल पर लोगों ने जरूरतमंद बच्चों और परिवारों के लिए खिलौने और किताबें भी दान कीं। आयोजकों के अनुसार, इन सामग्रियों को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
CM साय ने बताया आयुर्वेद का महत्व
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आयुर्वेद की प्राचीन परंपरा और भारतीय चिकित्सा पद्धति में इसके योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद को आगे बढ़ाने में देश के कई आयुर्वेदाचार्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
मुख्यमंत्री ने आयुष क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ छत्तीसगढ़ के लिए लोगों की भागीदारी और सामाजिक सेवा की भावना महत्वपूर्ण है।
आयुर्वेद के विस्तार पर स्वास्थ्य मंत्री ने दी जानकारी
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सेवा महाकुंभ के आयोजन के लिए जिला प्रशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य में आयुर्वेद और आयुष क्षेत्र को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
मंत्री के अनुसार, केंद्र सरकार के सहयोग से बस्तर में आयुर्वेद के क्षेत्र में संस्थागत स्तर पर नई पहल की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य में 6 आयुर्वेदिक कॉलेज खोले गए हैं। सरकार के अनुसार, इससे आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को बढ़ावा मिला है।