नई दिल्ली। अगर आप एसबीआई क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए एक जरूरी खबर है। एसबीआई कार्ड ने फ्यूल और ट्रांसपोर्ट श्रेणी के बड़े भुगतानों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का ऐलान किया है। नए नियम 1 दिसंबर 2026 से लागू होंगे। इसके तहत निर्धारित सीमा पार होने पर संबंधित भुगतान या पूरे बिलिंग साइकिल के खर्च पर 1 प्रतिशत फीस देनी होगी।
हालांकि, फ्यूल और ट्रांसपोर्ट के लिए शुल्क की गणना अलग-अलग तरीके से की जाएगी। इसलिए कार्डधारकों के लिए इन दोनों नियमों को समझना जरूरी है।
ट्रांसपोर्ट पेमेंट पर कब लगेगी फीस?
एसबीआई कार्ड के नए नियमों के मुताबिक, ट्रांसपोर्ट श्रेणी में किसी एक लेनदेन की रकम 30,000 रुपये से अधिक होने पर पूरी राशि पर 1 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा।
उदाहरण के तौर पर, यदि आप ट्रांसपोर्ट से संबंधित किसी एक भुगतान में 35,000 रुपये खर्च करते हैं, तो आपको 350 रुपये अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
ध्यान देने वाली बात यह है कि इस नियम में बिलिंग साइकिल के कुल ट्रांसपोर्ट खर्च के बजाय प्रत्येक लेनदेन को अलग-अलग देखा जाएगा। यानी 30,000 रुपये या उससे कम के एकल भुगतान पर इस नए नियम के तहत अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा।
यह नियम MCC 4111, 4784 और 4131 के अंतर्गत दर्ज संबंधित ट्रांसपोर्ट लेनदेन पर लागू होगा।
फ्यूल खर्च 50 हजार रुपये से बढ़ा तो पूरे अमाउंट पर फीस
फ्यूल भुगतान के मामले में नियम कुछ अलग है। यहां प्रत्येक लेनदेन के बजाय पूरे बिलिंग साइकिल में किए गए कुल फ्यूल खर्च की गणना की जाएगी।
यदि बिलिंग साइकिल के दौरान फ्यूल पर कुल खर्च 50,000 रुपये से अधिक हो जाता है, तो पूरी राशि पर 1 प्रतिशत शुल्क लगेगा।
उदाहरण से समझिए:
- कुल फ्यूल खर्च 40,000 रुपये: नए नियम के तहत अतिरिक्त शुल्क नहीं।
- कुल फ्यूल खर्च 50,000 रुपये: नए नियम के तहत अतिरिक्त शुल्क नहीं।
- कुल फ्यूल खर्च 60,000 रुपये: 600 रुपये शुल्क।
इसका मतलब है कि सीमा पार होने पर केवल अतिरिक्त रकम पर नहीं, बल्कि पूरे फ्यूल खर्च पर शुल्क की गणना होगी।
यह नियम MCC 5172, 5541, 5542 और 5983 के अंतर्गत दर्ज संबंधित लेनदेन पर लागू होगा।
क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वालों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
कार्डधारकों को बड़े भुगतान करने से पहले अपने खर्च और बिलिंग साइकिल की जानकारी रखनी चाहिए। साथ ही, यह भी जांचना जरूरी है कि संबंधित लेनदेन किस मर्चेंट कैटेगरी कोड (MCC) के अंतर्गत दर्ज हुआ है।
MCC किसी कारोबारी या लेनदेन की श्रेणी पहचानने वाला कोड होता है। भुगतान नेटवर्क के स्तर पर इन कोड में बदलाव संभव है, इसलिए किसी लेनदेन पर शुल्क लागू होगा या नहीं, यह उसकी दर्ज श्रेणी पर भी निर्भर करेगा।
कुल मिलाकर, 1 दिसंबर 2026 से लागू होने वाले ये बदलाव एसबीआई क्रेडिट कार्ड से बड़े फ्यूल और ट्रांसपोर्ट भुगतान करने वाले ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण हैं। कार्ड इस्तेमाल करने से पहले नए नियमों और अपने कार्ड पर लागू शर्तों को समझना बेहतर होगा।