दुर्ग, 22 अक्टूबर 2026/ दुर्ग जिले के महत्वपूर्ण कुम्हारी-अहिवारा-पथरिया मार्ग (राज्य मार्ग क्रमांक-21) के सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन का कार्य क्षेत्रीय आवागमन को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 26.60 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के उन्नयन से सड़क की स्थिति बेहतर होने के साथ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी। लोक निर्माण विभाग द्वारा मार्ग को सुरक्षित, सुगम और टिकाऊ बनाने के लिए डामरीकरण सहित आवश्यक संरचनात्मक कार्य कराए जाएंगे।
भौगोलिक संपर्क की दृष्टि से यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश को जोड़ने के साथ क्षेत्र के प्रमुख मार्गों एवं महत्वपूर्ण आवागमन केंद्रों के लिए संपर्क मार्ग के रूप में उपयोगी है। मध्यप्रदेश के कान्हा-किसली राष्ट्रीय उद्यान की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण संपर्क प्रदान करता है। इसके अलावा दुर्ग जिले के ग्रामीण अंचलों एवं अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों से राजधानी रायपुर की ओर आवागमन में इस मार्ग की महत्वपूर्ण भूमिका है।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी गति
मार्ग के सुदृढीकरण से किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और दैनिक यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। बेहतर सड़क से यात्रा अधिक सुगम एवं सुरक्षित होगी तथा समय और परिवहन लागत में कमी आएगी। कृषि उपज एवं अन्य सामग्री के परिवहन को भी गति मिलेगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापारिक एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
26.60 किमी सड़क का होगा सुदृढ़ीकरण
परियोजना के तहत कुल 26.60 किमी मार्ग का सुदृढीकरण एवं उन्नयन किया जाएगा। सड़क पर 60 मिलीमीटर डीबीएम तथा 40 मिलीमीटर बीसी की डामरीकरण परत का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 2 मीटर साइड शोल्डर का निर्माण प्रस्तावित है। इन कार्यों से सड़क की मजबूती, टिकाऊपन और जल निकासी व्यवस्था में सुधार होगा।
कुल लागत और प्रशासनिक स्वीकृति
इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए ₹24 करोड़ 6 लाख 23 हजार की प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। प्रशासनिक स्वीकृति 24 नवंबर 2025 को जारी हुई थी, जबकि कार्यादेश 8 सितंबर 2026 को जारी किया गया है। कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जा रहा है।
परियोजना से मिलेगा बहुआयामी लाभ
किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और दैनिक यात्रियों को आवागमन में सुविधा। यात्रा अधिक सुगम और सुरक्षित होगी। समय और परिवहन लागत में कमी आएगी। कृषि उपज एवं अन्य सामग्री के परिवहन को गति मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापारिक एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। मार्ग के उन्नयन से ग्रामीण संपर्क व्यवस्था मजबूत होने के साथ क्षेत्रीय आवागमन को नई गति मिलेगी, जिससे स्थानीय व्यापार, कृषि गतिविधियों और आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान होगी तथा क्षेत्र के समग्र विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।