लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर सियासी समीकरण साधने की कवायद तेज होने की खबर है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 30 अक्टूबर को लखनऊ पहुंचने का कार्यक्रम बताया जा रहा है। इस दौरान वे भाजपा के नेताओं और सहयोगी दलों के साथ समन्वय बैठक कर सकते हैं। माना जा रहा है कि बैठक का उद्देश्य गठबंधन में बेहतर तालमेल स्थापित करना और चुनाव से पहले सामने आ रही राजनीतिक चुनौतियों पर चर्चा करना होगा।
निषाद पार्टी और सुभासपा के रुख पर नजर
NDA के सहयोगी दलों के बीच सीटों और राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर चर्चा लगातार अहम बनी हुई है। निषाद पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री डॉ. संजय निषाद के हालिया बयानों को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा है। वहीं, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) में अंदरूनी मतभेदों की खबरों के बीच समाजवादी पार्टी असंतुष्ट नेताओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है।
ऐसे में भाजपा के सामने सहयोगियों के साथ संवाद बनाए रखने और गठबंधन की एकजुटता मजबूत करने की चुनौती है।
भाजपा के भीतर भी असंतोष की चर्चा
राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों में उम्मीदवारों के चयन तथा राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर कुछ नेताओं की नाराजगी की खबरें भी सामने आती रही हैं। देवीपाटन मंडल और गोंडा जैसे क्षेत्रों में वरिष्ठ नेताओं के दल बदलने से स्थानीय राजनीतिक समीकरण प्रभावित होने की चर्चा है।
इसके अलावा गोरखपुर क्षेत्र में भाजपा के विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह के कुछ चुनावी मामलों में सपा प्रत्याशी के समर्थन को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं हुई हैं। इन घटनाक्रमों के बीच भाजपा संगठन के भीतर समन्वय बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजा भैया से मुलाकात ने बढ़ाई सियासी अटकलें
उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए समीकरणों की संभावनाओं के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के प्रमुख रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की मुलाकात भी चर्चा में रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस बात पर है कि क्या आगामी चुनाव से पहले भाजपा अपने मौजूदा सहयोगियों के साथ तालमेल मजबूत करने के अलावा अन्य राजनीतिक दलों से भी संवाद बढ़ाएगी। हालांकि, किसी नए गठबंधन या सीटों के बंटवारे को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी।
30 अक्टूबर की बैठक पर टिकी निगाहें
अमित शाह के प्रस्तावित लखनऊ दौरे को उत्तर प्रदेश में भाजपा की चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि बैठक होती है, तो इसमें सहयोगी दलों के साथ समन्वय, संगठनात्मक चुनौतियों और चुनावी रणनीति जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
फिलहाल, बैठक के एजेंडे और इसमें शामिल होने वाले नेताओं को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। चुनाव से पहले NDA के भीतर तालमेल किस दिशा में आगे बढ़ता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।