क्रिकेट डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 मुकाबले में जीत जरूर दर्ज की, लेकिन युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी पोजिशन को लेकर बहस छिड़ गई है। 15 साल के वैभव को ओपनिंग की जगह तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया, जहां वह 8 गेंदों में महज 4 रन बनाकर आउट हो गए। उनके इस प्रदर्शन के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर मुरली कार्तिक और रविचंद्रन अश्विन ने टीम प्रबंधन के फैसले पर सवाल उठाए हैं।
मुरली कार्तिक का मानना है कि वैभव को उनकी मजबूत पोजिशन यानी ओपनिंग में ही उतारना चाहिए था। वहीं, पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि छठे ओवर में बल्लेबाजी के लिए उतरना युवा खिलाड़ी के लिए आसान नहीं था। हालांकि, भारतीय टीम ने यह मुकाबला 4 विकेट से अपने नाम कर लिया।
कार्तिक का सवाल- वैभव से ओपनिंग क्यों नहीं कराई?
पूर्व भारतीय स्पिनर और कमेंटेटर मुरली कार्तिक ने वैभव सूर्यवंशी को तीसरे नंबर पर भेजने के फैसले पर सवाल उठाया। उनका मानना है कि जिस युवा खिलाड़ी की पहचान आक्रामक ओपनिंग बल्लेबाजी है, उसे उसी भूमिका में मौका मिलना चाहिए था।
कार्तिक के मुताबिक, वैभव अभी युवा हैं और अब तक एक खास अंदाज में बल्लेबाजी करते आए हैं। ऐसे में उनसे अचानक अलग भूमिका निभाने की अपेक्षा करना सही रणनीति नहीं हो सकती।
उन्होंने यह भी कहा कि टीम में अनुभवी खिलाड़ियों को इसलिए रखा जाता है, ताकि वे जरूरत के अनुसार अपनी बल्लेबाजी पोजिशन में बदलाव कर सकें। अगर टीम वैभव को प्लेइंग इलेवन में मौका दे रही थी, तो उन्हें ओपनिंग पर भेजने पर विचार किया जाना चाहिए था।
कार्तिक का मानना है कि केवल मैच जीत जाना किसी फैसले को पूरी तरह सही साबित नहीं करता। टीम प्रबंधन को यह भी देखना चाहिए कि युवा खिलाड़ी को उसकी क्षमता के अनुसार खेलने का अवसर मिला या नहीं।
सीनियर खिलाड़ियों को बदलनी चाहिए अपनी पोजिशन
मुरली कार्तिक ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि वैभव जैसे युवा बल्लेबाजों को मौका देने के लिए अनुभवी खिलाड़ियों को भी अपनी भूमिका में बदलाव करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
उन्होंने संजू सैमसन का उदाहरण देते हुए कहा कि सैमसन अलग-अलग बल्लेबाजी क्रम पर खेल सकते हैं। ऐसे में उन्हें नीचे भेजकर वैभव को ओपनिंग का मौका दिया जा सकता था।
कार्तिक की दलील का मुख्य आधार यही है कि युवा खिलाड़ी को उसकी स्वाभाविक भूमिका में खिलाने से उसे अपनी क्षमता दिखाने का बेहतर अवसर मिल सकता है। हालांकि, बल्लेबाजी क्रम तय करते समय टीम की रणनीति, मैच की स्थिति और विरोधी टीम की गेंदबाजी जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखना जरूरी होता है।
अश्विन बोले- छठे ओवर में बल्लेबाजी करना आसान नहीं था
पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी वैभव की बल्लेबाजी और उनकी पोजिशन को लेकर अपनी राय रखी। उनका मानना है कि छठे ओवर में क्रीज पर उतरना वैभव के लिए चुनौतीपूर्ण था।
अश्विन के मुताबिक, वैभव हर गेंद पर बड़ा शॉट लगाने की कोशिश कर रहे थे। ऐसी परिस्थिति में युवा बल्लेबाज को संयम बरतने और गेंद को समझकर खेलने की सलाह देने की जरूरत थी।
उन्होंने कहा कि मुश्किल परिस्थितियों में सीनियर खिलाड़ियों को युवा बल्लेबाज के पास जाकर उसका मार्गदर्शन करना चाहिए। उसे यह समझाना चाहिए कि हर गेंद पर प्रहार करना जरूरी नहीं है और कुछ समय लेकर पारी को संभालना भी बल्लेबाजी का अहम हिस्सा है।
अश्विन की राय में, वैभव जैसे आक्रामक खिलाड़ी को जरूरत के समय सही सलाह और परिस्थितियों को समझने का मौका मिलना चाहिए, ताकि वह दबाव में बेहतर फैसले ले सके।
8 गेंदों में 4 रन बनाकर आउट हुए वैभव
शनिवार को क्राइस्टचर्च में खेले गए दूसरे टी-20 मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को चोटिल ईशान किशन की गैरमौजूदगी में टीम में खेलने का मौका मिला था। छह मैचों के बाद भारतीय टीम में वापसी करने वाले वैभव इस अवसर का बड़ा फायदा नहीं उठा सके।
उन्होंने 8 गेंदों का सामना किया और केवल 4 रन बनाए। इस दौरान वह एक भी चौका या छक्का नहीं लगा सके। उनकी छोटी पारी के कारण भारतीय पारी की शुरुआत में अपेक्षित आक्रामकता देखने को नहीं मिली।
हालांकि, वैभव के प्रदर्शन को लेकर यह भी ध्यान रखना होगा कि वह अभी महज 15 साल के हैं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके सामने परिस्थितियों को समझने तथा अनुभव हासिल करने की चुनौती है।
भारत ने 4 विकेट से जीता मुकाबला
वैभव के जल्दी आउट होने के बावजूद भारतीय टीम ने मुकाबले में जीत हासिल की। लक्ष्य का पीछा करते हुए मध्यक्रम और निचले क्रम के बल्लेबाजों ने अहम योगदान दिया।
तिलक वर्मा ने नाबाद अर्धशतक लगाकर पारी को संभाला। वहीं, नमन धीर और नीतीश कुमार रेड्डी ने अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाकर भारत की जीत सुनिश्चित करने में भूमिका निभाई।
क्या युवा खिलाड़ी को उसकी पसंदीदा पोजिशन पर मौका मिलना चाहिए?
वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी पोजिशन को लेकर उठी बहस ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल करते समय उनकी स्वाभाविक भूमिका को कितनी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
मुरली कार्तिक जहां वैभव को ओपनिंग पर उतारने के पक्ष में नजर आए, वहीं रविचंद्रन अश्विन ने मुश्किल परिस्थितियों में युवा बल्लेबाज को मार्गदर्शन देने की जरूरत पर जोर दिया।
फिलहाल भारत ने मुकाबला जीत लिया है, लेकिन वैभव को तीसरे नंबर पर भेजने का फैसला चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले मुकाबलों में टीम प्रबंधन उन्हें किस क्रम पर बल्लेबाजी का मौका देता है, इस पर क्रिकेट प्रशंसकों की नजर रहेगी।