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टाइगर श्रॉफ पर हमले की साजिश का खुलासा, गूगल से खोजते थे सितारों के घर; ₹1,000 में कराते थे रेकी

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मुंबई गोलीकांड में लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट से जुड़े आरोपियों से पूछताछ में खुलासे, सलमान खान के घर को निशाना बनाने की भी सामने आई बात

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई गोलीबारी के मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच की जांच में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस पूछताछ के मुताबिक, आरोपियों ने बॉलीवुड सितारों के घरों की जानकारी जुटाने के लिए गूगल का इस्तेमाल किया और करीब एक हजार रुपये देकर ऑटो-रिक्शा से संबंधित इलाकों की रेकी की। जांच एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम में कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।

गूगल पर तलाशते थे ठिकाने, ऑटो से करते थे निगरानी

पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि मुंबई पहुंचने के बाद उन्होंने कई बॉलीवुड अभिनेताओं के आवासों की जानकारी जुटाई। इसके लिए इंटरनेट पर पते खोजे गए और फिर ऑटो-रिक्शा किराए पर लेकर संबंधित इलाकों का जायजा लिया गया। बताया गया कि इसके लिए ऑटो चालकों को लगभग एक हजार रुपये दिए जाते थे।

पुलिस के अनुसार, आम सवारी की तरह घूमकर आरोपी घरों के आसपास की गतिविधियों, सुरक्षा व्यवस्था और आने-जाने के रास्तों पर नजर रखते थे। जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि इस रेकी के दौरान किन-किन हस्तियों को निशाना बनाने की योजना बनाई गई थी।

सलमान खान के घर को निशाना बनाने की थी योजना?

इस मामले में एक और अहम खुलासा सामने आया है। पूछताछ के अनुसार, आरोपियों की शुरुआती योजना अभिनेता सलमान खान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर गोलीबारी करने की थी। हालांकि, वहां कड़ी पुलिस सुरक्षा और सुरक्षा घेरे को देखकर उन्होंने कथित तौर पर अपना इरादा बदल दिया।

इसके बाद टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने की योजना पर काम किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस इस कथित साजिश के पीछे के निर्देशों और अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

हथियार पहुंचाने के आरोप में दो महिलाएं गिरफ्तार

मामले में हथियारों और कारतूसों की आपूर्ति से जुड़ी आरोपी राधा और बबीता को ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाया गया है। पुलिस के अनुसार, दोनों पर हथियारों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में भूमिका निभाने का आरोप है। मुंबई पहुंचने के बाद उन्हें क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल को सौंपा गया।

इसके अलावा कुणाल, सुमित, अंकित उर्फ राजेश खटक, समीर और जतिन सहित अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हथियारों की व्यवस्था किसने की और पूरी योजना को अंजाम देने के लिए किन-किन लोगों ने मदद की।

15 घंटे में पकड़े गए थे मुख्य शूटर

क्राइम ब्रांच के डीसीपी राज तिलक रोशन के मुताबिक, 18 अक्टूबर को बाइक सवार तीन शूटरों ने गोलीबारी की थी। पुलिस ने वारदात के करीब 15 घंटे के भीतर राजस्थान के कोटा से तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।

जांच आगे बढ़ने पर पांच अन्य कथित मददगारों को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, दो पुरुष आरोपियों ने पंजाब के अमृतसर से हथियार हासिल किए थे। इसके बाद कथित तौर पर दो महिलाओं के जरिए ट्रेन से हथियार मुंबई भेजे गए, जहां से उन्हें शूटरों तक पहुंचाया गया।

सोनीपत से जतिन गिरफ्तार, BNS की धारा 111 भी जोड़ी

पुलिस ने हरियाणा के सोनीपत से जतिन को भी गिरफ्तार किया है। उस पर मुख्य आरोपियों को मुंबई में ठहरने और स्थानीय स्तर पर सहायता उपलब्ध कराने का आरोप है। जांच एजेंसियां हथियारों की आपूर्ति, ठिकानों की व्यवस्था और पूरे नेटवर्क के बीच संपर्कों की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।

पुलिस ने संगठित अपराध से संबंधित आरोपों के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 भी जोड़ी है। आगे की जांच में कथित साजिश के अन्य सूत्रों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है।

फिलहाल, इस मामले में सामने आए खुलासे पुलिस की जांच और पूछताछ पर आधारित हैं। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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