देश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर बढ़ गई हैं। 22 सितंबर 2026 को जारी IMD के पूर्वानुमानों के मुताबिक मध्य भारत, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और कुछ अन्य इलाकों में आने वाले दिनों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। हालांकि, सभी राज्यों के लिए एक जैसा अलर्ट नहीं है और स्थिति क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग है।
यूपी में 24 सितंबर के बाद बढ़ेगी बारिश
उत्तर प्रदेश में IMD ने पूर्वी हिस्सों के लिए 24 सितंबर से गरज-चमक और 25 सितंबर के बाद भारी बारिश की चेतावनी दी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 25 सितंबर के बाद आंधी-तूफान और बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है।
बिहार में गरज-चमक के साथ बारिश
बिहार में 22 से 25 सितंबर के बीच कई स्थानों पर गरज-चमक और बारिश की संभावना है। पटना के IMD पूर्वानुमान में 23-24 सितंबर को बारिश/थंडरशॉवर और 25 सितंबर को मध्यम बारिश की संभावना दर्ज की गई है।
मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट
मध्य प्रदेश में मौसम फिर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। IMD के अनुसार पश्चिमी मध्य प्रदेश में 24 सितंबर को भारी और 25-26 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भी 23 सितंबर से भारी बारिश का दौर शुरू होने का अनुमान है।
महाराष्ट्र में भी बारिश का असर
महाराष्ट्र के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। IMD ने मध्य महाराष्ट्र और कोंकण-गोवा में 22-23 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी दी है। विदर्भ में 23-26 सितंबर के दौरान भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान
उत्तराखंड में 25 सितंबर से मौसम सक्रिय होने और 26-28 सितंबर के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना IMD ने जताई है। ऐसे मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और यात्रा संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं।
गुजरात में फिलहाल सीमित चेतावनी
गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ के लिए 22 सितंबर को गरज-चमक और बिजली की चेतावनी जारी है, जबकि इसके बाद के दिनों में इन क्षेत्रों के लिए IMD की चेतावनी अपेक्षाकृत सीमित है।
दिल्ली-NCR और राजस्थान का मौसम
दिल्ली-NCR के लिए 22 सितंबर को जारी IMD उपखंड चेतावनी में अगले कुछ दिनों के लिए कोई चेतावनी दर्ज नहीं है। यानी यहां फिलहाल उत्तर और मध्य भारत के कुछ अन्य हिस्सों जैसी भारी बारिश की चेतावनी नहीं है।
राजस्थान में भी मौसम जिले और क्षेत्र के हिसाब से अलग रह सकता है। ऐसे में स्थानीय पूर्वानुमान को ध्यान में रखना जरूरी है।
मौसम विभाग की चेतावनियां लगातार अपडेट होती रहती हैं। इसलिए बारिश, आंधी या बिजली गिरने की स्थिति में स्थानीय प्रशासन और IMD के ताजा अलर्ट को जरूर देखें।