रायपुर। लगातार हो रही बारिश का असर अब ट्रेनों की रफ्तार पर भी दिखाई देने लगा है। शुक्रवार को कई ट्रेनें घंटों से विलंब रायपुर स्टेशन पहुंचीं। लंबी दूरी की ट्रेनें 1 से 3 घंटे तक देरी से चलीं। पुरी और विशाखापट्टनम से आने वाली ट्रेनों की रफ्तार पर भी बारिश का असर दिखाई दिया। समता एक्सप्रेस करीब 3 घंटे, पुरी-अहमदाबाद एक्सप्रेस 2 घंटे 45 मिनट, दुर्ग-पुरी एक्सप्रेस 3 घंटे 45 मिनट और विशाखापट्टनम-दुर्ग एक्सप्रेस करीब 2 घंटे विलंब से रायपुर पहुंची।
ट्रेनों के लगातार विलंब से चलने के कारण यात्रियों को स्टेशन पर घंटों इंतजार करना पड़ा। रायपुर पहुंचने वाली करीब 80 प्रतिशत ट्रेनें काफी समय से रोजाना देरी से चल रही हैं। बारिश के बीच लोकल ट्रेनों में सफर करने वाले दैनिक यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई है। कई यात्री समय पर दफ्तर नहीं पहुंच पा रहे हैं। दुर्ग से रायपुर के बीच लोकल ट्रेनों को आउटर पर लंबे समय तक रोके जाने से सफर में एक घंटे से अधिक का अतिरिक्त समय लग रहा है।
बारिश के बीच रेलवे के समय पालन के दावों पर सवाल
रेलवे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से यात्रियों को ट्रेनों को समय पर चलाने के निर्देश दिए जाने की जानकारी दे रहा है। इसके बावजूद ट्रेनों की लेटलतीफी कम होती नजर नहीं आ रही है। अंबिकापुर एक्सप्रेस का रायपुर पहुंचने का निर्धारित समय सुबह 8.30 बजे है, लेकिन यह ट्रेन करीब एक महीने से 3 से 4 घंटे विलंब से पहुंच रही है। वापसी में भी ट्रेन के घंटों विलंबित होने की बात सामने आ रही है। इसके चलते अंबिकापुर में यात्रियों को रात 12 से 1 बजे तक ट्रेन का इंतजार करना पड़ रहा है।
दोपहर से शाम तक कई ट्रेनें घंटों लेट
शुक्रवार को दोपहर 12 से शाम 5 बजे तक रायपुर पहुंचने वाली ट्रेनों की पड़ताल की गई तो कई ट्रेनें 2 से 5 घंटे तक लेट होने की खबर मिली। इनमें लोकल और एक्सप्रेस दोनों ट्रेनें शामिल है। दुर्ग से रवाना होने के बाद भी ट्रेनों की लेटलतीफी बढ़ती गई। संपर्क क्रांति एक्सप्रेस दुर्ग से रवाना होने के बाद रायपुर पहुंचने तक 9 मिनट विलंबित हो चुकी थी। भाटापारा पहुंचने तक देरी 29 मिनट, उसलापुर तक 31 मिनट और पेंड्रारोड तक 1 घंटे 40 मिनट हो गई। शहडोल पहुंचने तक ट्रेन 2 घंटे 3 मिनट लेट हो चुकी थी। इसी तरह साउथ बिहार एक्सप्रेस दुर्ग से निर्धारित समय पर रवाना हुई, लेकिन रायपुर 5 मिनट देर से पहुंची। इसके बाद तिल्दा पहुंचने तक यह 31 मिनट और सक्ती पहुंचने तक 1 घंटे 12 मिनट विलंबित हो चुकी थी।
शहडोल रूट की ट्रेनें भी प्रभावित
शहडोल होकर रायपुर पहुंचने वाली कई ट्रेनें भी घंटों विलंबित चल रही हैं। इनमें सारनाथ और अमरकंटक एक्सप्रेस समेत करीब आधा दर्जन ट्रेनें शामिल हैं। ये ट्रेनें रोज 3 घंटे से अधिक विलंब से रायपुर पहुंच रही हैं। पड़ताल में सामने आया कि शहडोल के बाद ट्रेनों की रफ्तार धीमी हो रही है, जिसका असर उनके निर्धारित समय पर पहुंचने पर पड़ रहा है। अमरकंटक एक्सप्रेस भी रोज करीब 3 घंटे विलंब से रायपुर पहुंच रही है।
स्टेशन पर घंटों इंतजार कर रहे यात्री
ट्रेन के निर्धारित समय के अनुसार, यात्री स्टेशन पहुंच रहे हैं, लेकिन ट्रेनों के विलंबित होने के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। दुर्ग और बिलासपुर से ट्रेनें समय पर रवाना होने के बावजूद रायपुर पहुंचते-पहुंचते लोकल ट्रेनें भी 1 से 2 घंटे तक लेट हो रही है। यात्रियों के मुताबिक, इस समय पटरियों पर कोई बड़ा कार्य नहीं होने के बावजूद एक्सप्रेस और लोकल ट्रेनों की रफ्तार धीमी है। महानगरों से रायपुर आने वाली लंबी दूरी की ट्रेनें भी 2 से 6 घंटे तक विलंबित चल रही हैं।