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प्रयास विद्यालय में छात्र को टीसी देने का मामला गरमाया, बाल आयोग ने पढ़ाई जारी रखने के दिए निर्देश

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रायपुर। राजधानी के प्रयास विद्यालय में कक्षा 9वीं के एक छात्र को तंत्र क्रिया के कथित आरोपों के आधार पर टीसी देकर स्कूल से बाहर किए जाने का मामला अब गंभीर हो गया है। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए छात्र की टीसी निरस्त करने और उसकी पढ़ाई दोबारा शुरू कराने के निर्देश दिए हैं।

आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने तक छात्र की शिक्षा किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए।

हॉस्टल प्रबंधन ने रखा अपना पक्ष

मामले में हॉस्टल अधीक्षक आशीष पांडेय ने प्रबंधन की ओर से सफाई दी है। उनका दावा है कि छात्र का व्यवहार सामान्य नहीं था और उसे काउंसलर के जरिए काउंसलिंग भी कराई गई थी।

हॉस्टल प्रबंधन के अनुसार, छात्र कई बार अंधेरे में अकेला बैठा रहता था और कमरे में कुछ आकृतियां बनाता था। इससे हॉस्टल के दूसरे बच्चे डरने लगे थे।

अधीक्षक ने यह भी कहा कि छात्र को हॉस्टल से बाहर करने के लिए परिवार पर कोई दबाव नहीं बनाया गया। उनके मुताबिक, परिजनों ने स्वयं लिखित आवेदन देकर ट्रांसफर सर्टिफिकेट की मांग की थी। प्रबंधन ने मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भी देने की बात कही है।

साथी छात्रों ने लगाए कई आरोप

संस्था की ओर से कुछ अन्य छात्रों के हवाले से छात्र पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनमें अश्लील बातें करना, गला दबाने की कोशिश करना, अकेले कैमरे के सामने हंसना-बड़बड़ाना और ‘बैंड टच’ जैसे आरोप शामिल हैं।

हालांकि, ये सभी आरोप फिलहाल संस्था और छात्रों के दावे हैं। इनकी वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

परिजनों की शिकायत पर बाल आयोग का हस्तक्षेप

छात्र के परिजनों ने बाल आयोग में शिकायत कर आरोप लगाया था कि पर्याप्त जानकारी और जांच के बिना ही तंत्र क्रिया के अपुष्ट आरोपों के आधार पर बच्चे को स्कूल से बाहर कर दिया गया।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बाल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 2005 की धारा 13(1)(ज) और धारा 14 के तहत मामले में संज्ञान लिया है।

आयोग ने सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, रायपुर को पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

21 सितंबर को प्राचार्य और अधीक्षक होंगे तलब

आयोग ने प्रयास विद्यालय के प्राचार्य और हॉस्टल अधीक्षक को 21 सितंबर 2026 को दोपहर 2 बजे आयोग कार्यालय में आपातकालीन खंडपीठ के सामने उपस्थित होने को कहा है।

दोनों अधिकारियों को मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना होगा। आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि अंतिम निर्णय आने तक छात्र की पढ़ाई जारी रखी जाए और उसे शिक्षा से वंचित न किया जाए।

अब मामले में जांच रिपोर्ट और संबंधित पक्षों के बयान के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

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