Punjab News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को जालंधर में आयोजित जनसभा में पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर नशे और शासन व्यवस्था को लेकर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा पंजाब में सरकार बनाती है तो 31 दिसंबर 2029 से पहले राज्य को नशामुक्त करने का लक्ष्य रखा जाएगा। यह रैली भाजपा की 13 दिवसीय ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन कार्यक्रम का हिस्सा थी।
‘दिल्ली शराब मामले’ को लेकर AAP पर निशाना
अपने संबोधन में अमित शाह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए दिल्ली की शराब नीति से जुड़े मामले का हवाला दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन नेताओं पर शराब नीति को लेकर आरोप लगे हैं, वे पंजाब को नशामुक्त कैसे करेंगे।
यह शाह का राजनीतिक आरोप है। दिल्ली शराब नीति मामले में अलग-अलग नेताओं के खिलाफ जांच और कानूनी कार्यवाही हो चुकी है, जबकि संबंधित पक्ष आरोपों से इनकार करते रहे हैं।
पंजाब को नशामुक्त करने की 2029 की डेडलाइन
अमित शाह ने कहा कि भाजपा सरकार बनने की स्थिति में 31 दिसंबर 2029 से पहले पंजाब से नशे के कारोबार को खत्म करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने नशे से प्रभावित परिवारों का जिक्र करते हुए कहा कि इस समस्या से पंजाब के युवाओं और उनके परिवारों को गंभीर नुकसान हुआ है।
भाजपा ने हाल ही में राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करते हुए ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ निकाली थी। पार्टी के मुताबिक इस अभियान के तहत करीब 4,000 किलोमीटर की यात्रा की गई।
सरकार पर भ्रष्टाचार और प्रशासन को लेकर भी आरोप
रैली में शाह ने पंजाब सरकार पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही के आरोप भी लगाए। उन्होंने कई कथित घोटालों का जिक्र करते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा।
उन्होंने यह दावा भी किया कि नशे के खिलाफ समन्वय से जुड़ी NCORD बैठकें नहीं हुईं और जालंधर में NCB कार्यालय खोलने के केंद्र के प्रस्ताव को राज्य सरकार ने स्वीकार नहीं किया। इन दावों पर राज्य सरकार का पक्ष अलग से सामने आ सकता है।
पंजाब के जवानों और किसानों का किया जिक्र
अमित शाह ने अपने संबोधन में पंजाब के सैनिकों और किसानों के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा में पंजाब के जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
किसानों के मुद्दे पर भी उन्होंने राज्य की समस्याओं का समाधान करने की बात कही और भाजपा की सरकार बनने पर किसानों से जुड़े विषयों पर काम करने का आश्वासन दिया।
रैली से पहले बम धमकी का ईमेल
अमित शाह की रैली से पहले जालंधर में एक बम धमकी वाला ईमेल भी सामने आया था। अधिकारियों के मुताबिक ईमेल में स्कूलों, रैली स्थल, देवी तालाब मंदिर और कोर्ट परिसर समेत कई स्थानों का उल्लेख था। सुरक्षा एजेंसियों ने ईमेल की सत्यता और स्रोत की जांच शुरू की थी।
2027 के चुनाव से पहले नशा बना बड़ा राजनीतिक मुद्दा
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले नशे का मुद्दा राजनीतिक दलों के अभियानों में प्रमुखता से सामने आ रहा है। भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के अलावा अन्य दलों ने भी नशे की समस्या को लेकर अपने-अपने अभियान और आरोप सामने रखे हैं।
जालंधर की रैली में अमित शाह ने इसी मुद्दे को केंद्र में रखते हुए भाजपा की सरकार बनने पर पंजाब को नशामुक्त करने की समयसीमा बताई। अब इस मुद्दे पर राज्य की सत्तारूढ़ AAP और अन्य राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी महत्वपूर्ण रहेंगी।