कारखाना अधिनियम के प्रावधानों तथा OHSAS-18001:2007 एवं ISO-14001 के अंतर्गत आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों एवं कार्यप्रणाली की समीक्षा के उद्देश्य से भिलाई इस्पात संयंत्र के स्टील मेल्टिंग शॉप-3 में त्रैमासिक मॉक ड्रिल का आयोजन 29 सितम्बर 2026 को प्रथम पाली में प्रातः 11:00 बजे क्रेन सबस्टेशन-1, क्यूबिकल नंबर 6F1, HI बे के प्रवेश क्षेत्र में किया गया। मॉक ड्रिल का परिदृश्य इलेक्ट्रिकल शॉक एवं फ्लैशओवर की आपात स्थिति पर आधारित था।
अभ्यास के दौरान एयर सर्किट ब्रेकर (ACB) की रैकिंग-इन प्रक्रिया के दौरान ACB के मूविंग कॉन्टैक्ट जॉज ढीले होकर अपने स्थान से विस्थापित हो गए, जिसके परिणामस्वरूप चार्ज्ड इनकमिंग बसबार फेजों के बीच शॉर्ट सर्किट हुआ और फ्लैशओवर की स्थिति उत्पन्न होने की परिकल्पना की गई। इस दौरान एक तकनीशियन एवं एक हेल्पर सहित कुल दो कर्मचारी विद्युत झटके एवं फ्लैशओवर के कारण घायल होकर बेहोश होने की स्थिति भी प्रदर्शित की गई, जिसे सुरक्षित बाहर निकालने की कार्रवाई की गई।
आपात स्थिति की सूचना मिलते ही निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सायरन बजाया गया तथा संबंधित विभागों एवं आपातकालीन एजेंसियों को सूचना दी गई। मॉक ड्रिल में सीआईएसएफ, फायर ब्रिगेड, मेन मेडिकल एवं सिविल डिफेंस सहित सभी संबंधित एजेंसियों ने तुरंत सहयोग प्रदान किया। घायल कर्मियों को शीघ्र प्राथमिक उपचार प्रदान कर सुरक्षित बाहर निकाला गया व बेहोश कर्मचारी को भी समन्वित प्रयासों के माध्यम से बाहर लाया गया। ड्रिल परिदृश्य के अनुसार मेन मेडिकल पोस्ट द्वारा सभी प्रभावित व्यक्तियों की स्थिति सामान्य बताई गई। पूरे क्षेत्र की गहन जांच कर यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी व्यक्ति जोखिम में न हो। स्थिति पूर्णतः नियंत्रण में आने के उपरांत फायर ब्रिगेड द्वारा विभागाध्यक्ष को “ऑल क्लियर” सिग्नल प्रदान किया गया, जिसके पश्चात एरिया इंचार्ज द्वारा लगातार सायरन बजाकर स्थिति सामान्य होने की पुष्टि की गई।
लगभग 25 मिनट तक चले मॉक ड्रिल के दौरान संबंधित टीमों ने विद्युत आपात स्थिति में बचाव कार्य, घायल कर्मचारियों को सुरक्षित क्षेत्र में पहुंचाने, चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रक्रिया का अभ्यास किया। लगभग 10 मिनट की मुख्य आपातकालीन एक्सरसाइज के दौरान सभी संबंधित एजेंसियों एवं टीमों ने आपसी समन्वय के साथ कार्य किया।
ड्रिल के समापन पर आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य महाप्रबंधक (एसएमएस–3) श्री त्रिभुवन बैठा ने सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों के त्वरित प्रतिक्रिया, उत्कृष्ट समन्वय एवं अनुशासन की सराहना की। उन्होंने इस प्रकार के अभ्यासों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह वास्तविक आपात स्थितियों में तैयारी को सुदृढ़ करने तथा प्रतिक्रिया समय को कम करने में सहायक होते हैं।
मॉक ड्रिल के सफल आयोजन में उप महाप्रबंधक (इलेक्ट्रिकल), एसएमएस-3 श्री रजत सरकार; महाप्रबंधक एवं विभागीय सुरक्षा अधिकारी (एसएमएस-3) श्री उमाशंकर परगनिहा सहित संबंधित टीमों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। समग्र रूप से यह मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिसमें विभिन्न विभागों के बीच सुदृढ़ समन्वय, प्रभावी आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली एवं कर्मचारियों में उच्च स्तर की सुरक्षा जागरूकता का प्रदर्शन हुआ।