रूप चौदस पर खूबसूरत दिखने की तैयारी अब सिर्फ महिलाओं तक सीमित नहीं है। शहर के ब्यूटी और ग्रूमिंग मार्केट में पुरुष भी बड़े कंज्यूमर बनकर उभर रहे हैं। कभी हेयरकट और शेविंग तक सीमित रहने वाला मेंस ग्रूमिंग रूटीन अब हेयर स्पा, फेस क्लीनअप, बॉडी पॉलिशिंग से लेकर लेजर ट्रीटमेंट और हेयर ट्रांसप्लांट तक पहुंच गया है।
खास बात यह है कि पुरुष अब त्योहार या शादी से पहले ही नहीं, बल्कि हर महीने ग्रूमिंग पर हजारों रुपए खर्च कर रहे हैं। ग्रूमिंग एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पिछले दो साल में खासकर 18 से 35 साल के युवाओं में स्किन और हेयर केयर को लेकर अवेयरनेस बढ़ी है। रेगुलर ग्रूमिंग पर वे हर महीने 5 से 20 हजार रुपए तक खर्च कर रहे हैं।
बोटॉक्स-फिलर्स से हेयर ट्रांसप्लांट तक प्लास्टिक सर्जन डॉ. सुनील कालडा बताते हैं कि पुरुष अब लेजर फेशियल, हाइड्रा और कार्बन फेशियल जैसे स्किन ट्रीटमेंट ले रहे हैं। हेयर फॉल के लिए पीआरपी, जीएफसी और हेयर ट्रांसप्लांट तक करा रहे हैं। बियर्ड शेपिंग और चेहरे-गर्दन के अनचाहे बालों के लिए लेजर हेयर रिमूवल में भी रुचि बढ़ी है। बोटॉक्स, फिलर्स जैसे एस्थेटिक प्रोसीजर भी इस बदलते ट्रेंड का हिस्सा हैं।
महीने का बजट भी बढ़ा
डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. भरत सिंघानिया के मुताबिक, युवा स्किन और हेयर केयर पर हर महीने 5 से 20 हजार रुपए खर्च कर रहे हैं। जरूरत के हिसाब से यह बजट 30 हजार तक पहुंचता है। एडवांस ट्रीटमेंट पर खर्च 20-30 हजार से लेकर एक लाख रुपए या इससे ज्यादा भी हो सकता है।
ग्लोबल ट्रेंड में भी भारत की मौजूदगी
एस्थेटिक प्लास्टिक सर्जरी ग्लोबल सर्वे 2023 के मुताबिक, भारत में करीब 10.28 लाख एस्थेटिक प्रक्रियाएं रिपोर्ट की गईं, जिनमें लगभग 4.97 लाख नॉन-सर्जिकल थीं। स्किन टाइटनिंग, हेयर रिमूवल और नॉन-सर्जिकल फैट रिडक्शन जैसे प्रोसीजर में भी रुचि बढ़ रही है। हालांकि, एक्सपर्ट्स मेडिकल ट्रीटमेंट से पहले क्वालिफाइड डॉक्टर की सलाह लेने की जरूरत बताते हैं।