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जवानों ने रातभर इंतजार किया सुबह नक्सल कैंप पर बोला धावा

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कांकेर/पखांजूर। बारिश में नक्सलियों के खिलाफ अभियान चला डीआरजी के जवानों ने मंगलवार सुबह छोटेबेठिया थाना के बीनागुंडा इलाके में एक महिला नक्सली को मार गिराया। इस आॅपरेशन के लिए जवानों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बारिश के दौरान पूरी रात जंगल में नदी-नाले के अलावा कीचड़ भरे रास्ते को पार कर मंगलवार सुबह कैंप तक पहुंच गए।

जहां नक्सलियों व जवानों के बीच हुई मुठभेड़ में एक महिला नक्सली को मार ढेर कर दिया। सर्चिंग के दौरान भारी मात्रा में हथियार व अन्य सामाग्री बरामद की गई। मंगलवार शाम तक जवान छोटेबेठिया थाना नहीं पहुंच पाए थे। छोटेबेठिया थाना से रविवार रात को डीआरजी व बीएसएफ की संयुक्त टीम बीनागुंडा के जंगल में नक्सलियों को घेरने निकली थी।

पुलिस को पुख्ता खबर थी कि बीनागुंडा के जंगल में नक्सलियों ने अस्थाई कैंप लगाया है। बारिश के दौरान अति नक्सल संवेदनशील इलाके बीनागुंडा तक पहुंचना काफी मुश्किल था। हालांकि नदी नाले में पानी नहीं है, लेकिन वर्तमान में हो रही बारिश से जंगल के रास्ते में इतना ज्यादा कीचड़ है। कि वहां चलना काफी मुश्किल है। वह भी स्वयं को सुरक्षित रखते हुए। जवान सुरक्षित तरीके से चलते हुए 12 किमी दूर सोमवार शाम तक लगातार चलते हुए नक्सलियों के कैंप से महज डेढ़ किमी पहले तक पहुंच गए। अंधेरा होने के कारण वे रात में वहीं उजाला होने का इंतजार करने लगे।

मंगलवार सुबह उजाला होते ही वे फिर से धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगे और नक्सलियों के कैंप को घेर लिया। जवानों को करीब आता देख नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने मोर्चा लेकर जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से करीब एक घंटे तक फायर होती रही। नक्सलियों के ओर से फायर आना बंद हो गया। इलाके की गश्त की गई तो मौके पर एक महिला नक्सली का शव बरामद हुआ। इसके साथ ही घटनास्थल से एक नग 303 रायफल, एक नग 315 बोर रायफल सहित भारी मात्रा में हथियार व अन्य नक्सल सामग्री बरामद किया गया। जवान सामाग्री व नक्सली का शव लेकर लौटने लगे, लेकिन मंगलवार शाम तक वे छोटे बेठिया थाना नहीं पहुंच पाए थे।

यह साबित हो गया कि अब नक्सली कहीं सुरक्षित नहीं

अब तक बारिश में नक्सली स्वयं को बीहड़ों में सुरक्षित समझते थे, क्योंकि बारिश के दौरान जंगल में पुलिस को ऑपरेशन चलाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। कई बार नदी-नालों में पानी होने के कारण उनके नक्सलगढ़ में फंसने की ज्यादा आशंका रहती थी। मंगलवार को चलाए गए आॅपरेशन से जवानों ने साबित कर दिया कि अब नक्सली कभी भी कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं।

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