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छत्तीसगढ़ CM अफसरों पर भड़के, बोले- भाषा पर संयम रखें:कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में राजस्व मामलों में बस्तर, सारंगढ़, खैरागढ़ पर कड़े किए तेवर…!!

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सीएम विष्णुदेव साय कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में अपने स्वभाव के विपरीत नजर आए। आमतौर पर उन्हें सहज और सरल मुख्यमंत्री के रूप में देखा जाता है, लेकिन आज चल रही कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कड़े तेवर दिखाए। सभी जिला कलेक्टर को दो टूक कहा- भाषा पर संयम रखें, ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें, नहीं तो मैं करूंगा। राजस्व मामलों को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जताई। बोले- छोटे-छोटे कामों को लेकर उन्हें सीएम हाऊस तक आना पड़ रहा है। जनता भटक रही है, ये बर्दाश्त नहीं। राजस्व मामलों को लेकर उन्होंने खासतौर पर सारंगढ़, खैरागढ़ और बस्तर का जिक्र किया।

दरअसल, पिछले दिनों बिलासपुर में अफसर ने विरोध प्रदर्शन कर रही स्कूली छात्राओं को और राजनांदगांव में शिकायत लेकर पहुंची छात्राओं को अफसरों ने जेल भेजने की धमकी दी थी। वहीं छात्र-छात्राओं से अभद्रता और मारपीट के भी मामले आए हैं।

राजस्व विभाग की समीक्षा में कड़े तेवर

न्यू सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री ने राजस्व मामलों से कॉन्फ्रेंस की शुरुआत की। इस दौरान उनके तेवर कड़े हो गए। उन्होंने सारंगढ़ ,बस्तर, खैरागढ़ में राजस्व मामलों की धीमी गति पर नाराजगी जताई। साथ ही कलेक्टर को राजस्व मामलों को तेज गति से निपटाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि, राजस्व संबंधित सभी कार्य समय-सीमा पर पूरे हों। उन्होंने कहा कि, अविवादित नामांतरण के केस को समय सीमा पर पूरा करें। 70 प्रतिशत से कम निराकरण वाले जिले ज्यादा फोकस करें। विवादित विभाजन के प्रकरण 6 माह से ज्यादा लंबित न हों।

उन्होंने कहा कि, सीमांकन जनता से जुड़ा विषय है। जो आदेश है, उसका सीमांकन हो जाए। नागरिक छोटी-छोटी त्रुटि के लिए भटकते रहते हैं। जल्द से जल्द निराकरण हो इसका ख्याल रखें। सीएम ने कहा, ​​​​​​समय सीमा में निराकरण करने से सरकार की छवि बनती है

शासन की योजनाएं पारदर्शिता के साथ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचे

मुख्यमंत्री ने कहा कि, शासन की योजनाएं पूरी पारदर्शिता के साथ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए सभी फ्लैगशिप योजनाओं में सैचुरेशन के लक्ष्य को ध्यान में रखकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि, जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई जन समस्याओं पर त्वरित और प्रभावी कदम उठाएं।

स्थानीय स्तर की समस्याएं वहीं निपटें, छोटी-छोटी समस्याओं को लेकर लोगों को राजधानी न आना पड़े। साय ने कहा कि, 9 महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के अनुरूप प्रदेश को संवारने की दिशा में प्रयास किया गया है, किन्तु विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने के लिए कठिन परिश्रम की आवश्यकता है।

राज्य-केंद्र की योजनाओं पर पूछे जा रहे सवाल

प्रदेश के उन गांवों की जानकारी भी ली जा रही है, जिनका सर्वे नहीं हो पाया है। मनरेगा, PMGSY, NRLM, PMAY, अमृत सरोवर की प्रगति की समीक्षा इस बैठक में होगी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के तहत आयुष्मान कार्ड, पीएम जन औषधि केंद्र, चिरायु योजना, एनएचएम में वैकेंसी के बारे में पूछेंगे।

इसी तरह स्कूल शिक्षा विभाग में पीएम श्री स्कूल, सा​इकिल वितरण योजना, बोर्ड परीक्षा परिणाम की जानकारी लेने के साथ ही मध्याह्न भोजन और उल्लास योजना की प्र​गति की समीक्षा करेंगे। इसके अलावा सीएम ट्राइबल वेलफेयर, महिला एवं बाल विकास, कृषि उद्यानिकी, मछली पालन, पशुपालन, खाद्य, सहकारिता योजनाओं की समीक्षा करेंगे।

आज कलेक्टर, कल प्रदेश भर के SP की लगेगी क्लास

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कलेक्टर और SP की कॉन्फ्रेंस 12 और 13 सितंबर को कर रहे हैं। पहले दिन प्रदेश भर से कलेक्टर रायपुर बुलाए गए हैं। 13 सितंबर को प्रदेशभर के SP की क्लास मुख्यमंत्री विष्णु लेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी संभागों के आयुक्त, कलेक्टर और SP को निर्देश जारी किए हैं।

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