उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को वाराणसी के स्वर्वेद महामंदिर धाम में ‘विहंगम योग संत-समाज’ की स्थापना के शताब्दी समारोह महोत्सव में शामिल हुए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “हमारा कोई व्यक्तिगत अस्तित्व नहीं है, हर काम देश और सनातन धर्म के नाम पर होना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि एक सच्चा संत कभी भी देश और समाज की परिस्थितियों से मूक नहीं रह सकता। वह हमेशा सक्रिय रहता है और किसी कार्य के पूरा होने के बाद अगले कार्य की शुरुआत करता है।
सीएम योगी ने गुलामी के समय का उल्लेख करते हुए कहा कि यह देश पहले गुलामी की बेड़ियों से जकड़ा हुआ था, लेकिन सदगुरु सदाफल महाराज ने अपनी आध्यात्मिक साधना के साथ स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया। इसके बाद उन्होंने आगामी प्रयागराज महाकुंभ का भी जिक्र किया और कहा कि इस वर्ष का समय महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ है, जिसे 500 वर्षों का इंतजार समाप्त हुआ है।
योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी के नेतृत्व में वाराणसी में हुए विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि आज काशी पूरी तरह से बदल चुकी है। मोदी सरकार ने काशी को नया जीवन दिया है। यहां अब दुनिया का सबसे बड़ा घाट ‘नमो घाट’ है, जहां हेलीपैड भी है। काशी में हुए मंदिरों के कायाकल्प के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में भी काफी सुधार हुआ है। 2014 से पहले जो कनेक्टिविटी थी, अब वह 100 गुना बेहतर हो गई है। काशी से हल्दिया तक जलमार्ग के जरिए यात्रा भी संभव हो पाई है।