गोरखपुर में साइंटिस्ट की पत्नी की हत्या: नाबालिग बेटे ने किया खुलासा
गोरखपुर में भाभा रिसर्च इंस्टीट्यूट के असिस्टेंट साइंटिस्ट राम मिलन की पत्नी आरती की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मामले के अनुसार, आरती के नाबालिग बेटे ने ही इस वारदात को अंजाम दिया। वह गुस्से में था क्योंकि मां ने उसे स्कूल जाने के लिए उठाया था। गुस्से में उसने मां को धक्का दे दिया, जिससे उनका सिर दीवार से टकरा गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। हालांकि, बेटे ने उन्हें अस्पताल नहीं ले जाने के बजाय मां को छोड़कर स्कूल चला गया, जिससे खून बहने से उनकी मौत हो गई। पांच दिन तक वह मां की लाश के साथ घर में ही रहा।
6 दिन बाद जब साइंटिस्ट राम मिलन घर पहुंचे, तो उन्हें बदबू आ रही थी और घर का दरवाजा खुला था। अंदर जाने पर उन्होंने पत्नी की लाश फर्श पर पड़ी हुई पाई। बेटे ने पहले पुलिस और पिता को गुमराह करने की कोशिश की, और बताया कि मां गिरने से घायल हुई थीं। लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला कि लाश 6 दिन पुरानी थी, जिसके बाद पुलिस ने नाबालिग से सख्ती से पूछताछ की, और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
साइंटिस्ट राम मिलन के बेटे ने पुलिस को बताया कि 3 दिसंबर को वह सुबह 8:30 बजे तक सो रहा था, जब मां ने उसे स्कूल जाने के लिए जगाया। बेटे ने स्कूल जाने से मना किया, जिससे मां गुस्से में आ गईं। फिर दोनों के बीच झगड़ा हुआ और गुस्से में बेटे ने मां को धक्का दे दिया। मां के सिर से खून बहने लगा, जिसे देखकर वह डर गया और बिना मदद किए स्कूल चला गया। घर का ताला बंद कर दिया और लौटने पर देखा कि मां की सांसें थम चुकी थीं। इसके बाद उसने शव को स्टोर रूम में रखा और 5 दिन तक घर में ही रहा।
साइंटिस्ट राम मिलन ने बताया कि उन्होंने 3 दिसंबर को पत्नी से संपर्क करने की कोशिश की थी, लेकिन उनका फोन बंद था। दो दिन तक संपर्क न हो पाने पर उन्होंने अपनी साली को घर भेजा, जिसने गेट बंद होने की सूचना दी। इस पर उन्होंने 8 दिसंबर को गोरखपुर लौटकर देखा कि पत्नी की लाश पड़ी हुई थी। बेटा पहले कह रहा था कि वह स्कूल से आकर खाना खाकर सो गया था, लेकिन जब उसने लाश को देखा, तो डरकर मंदिर चला गया और फिर पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद CCTV फुटेज की जांच की और पाया कि घर में कोई बाहरी व्यक्ति नहीं आया था, केवल बेटा घर के अंदर था और बाहर अकेला निकला। इस आधार पर पुलिस ने बेटे से दो घंटे तक पूछताछ की, और उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने नाबालिग के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया।