– भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी ने अपने 16वें स्थापना दिवस पर नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता का जश्न मनाया। इस अवसर पर रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने संस्थान की उपलब्धियों की सराहना की और स्वदेशी एआई-आधारित युद्ध रणनीतियों, एआई चिप्स और क्वांटम कंप्यूटिंग के विकास की आवश्यकता पर बल दिया।
आईआईटी मंडी ने 16-चैनल क्वांटम न्यूरोमॉर्फिक कंप्यूटर विकसित किया है, जो मिलिट्री-ग्रेड साइबर सुरक्षा अनुप्रयोगों के लिए तैयार किया गया है। संस्थान भविष्य में 64-चैनल क्वांटम एआई कंप्यूटर विकसित करने की योजना बना रहा है।
रक्षा मंत्री ने कहा, “अब भारत को अपनी खुद की एआई-आधारित युद्ध रणनीतियों और साइबर सुरक्षा अवसंरचना विकसित करनी होगी।” उन्होंने छात्रों को “इनीशिएट, इनोवेट और ट्रांसफॉर्म” की सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया।
समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर, लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) कंवलजीत सिंह ढिल्लों, प्रो. लक्ष्मिधर बेहेरा सहित कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने भाग लिया। संस्थान ने इस अवसर पर गाइडेंस एंड काउंसलिंग सर्विसेज (GCS) का उद्घाटन किया और मेधावी छात्रों, शिक्षकों व पूर्व छात्रों को सम्मानित किया।
आईआईटी मंडी भारत की तकनीकी व रक्षा क्षमताओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और स्वदेशी नवाचारों को बढ़ावा देने के अपने मिशन पर निरंतर आगे बढ़ रहा है।