हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद भी DJ की तेज आवाज से हादसे जारी
बिलासपुर।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के सख्त आदेशों के बावजूद DJ की तेज आवाज पर प्रतिबंध सही तरीके से लागू नहीं किया जा रहा है।
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नववर्ष पर मल्हार में शोभायात्रा के दौरान DJ की तेज आवाज से एक बड़ा हादसा हो गया।
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इस हादसे में एक मकान का छज्जा गिरने से 4 बच्चों समेत 10 लोग घायल हो गए, जिसमें एक बच्चे की मौत हो गई।
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हादसे के बाद पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि पुलिस ने FIR में DJ की आवाज को हादसे की वजह नहीं बताया।
पुलिस और वकीलों के अलग-अलग दावे
पुलिस का दावा:
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पुलिस का कहना है कि DJ से टकराने के कारण मकान का छज्जा गिरा।
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एडिशनल एसपी उदयन बेहार ने बताया कि वाहन में रखे DJ के बॉक्स छज्जे से टकरा गए, जिससे हादसा हुआ।
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इस घटना में DJ संचालक, ड्राइवर और आयोजनकर्ताओं के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है।
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DJ संचालक और ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि आयोजनकर्ता फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
वकीलों का तर्क:
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हाईकोर्ट के एडवोकेट विनय दुबे का कहना है कि अगर हादसा DJ के सामान के टकराने से हुआ, तो केवल ड्राइवर को दोषी ठहराया जाना चाहिए था।
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लेकिन पुलिस ने DJ संचालक और आयोजनकर्ताओं को भी आरोपी बनाया है, जिससे साबित होता है कि DJ की तेज आवाज ही हादसे की असली वजह थी।
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वकीलों ने यह भी कहा कि पुलिस DJ संचालकों और आयोजनकर्ताओं को बचाने की कोशिश कर रही है।
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हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद पुलिस DJ की तेज आवाज को हादसे की वजह मानने से बच रही है।
DJ पर हाईकोर्ट के आदेश, लेकिन पालन नहीं हो रहा
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हाईकोर्ट ने पहले ही DJ पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए हैं।
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आदेश के तहत जिला प्रशासन को DJ की आवाज की निगरानी के लिए कमेटी बनाने और जरूरत से ज्यादा आवाज में बज रहे DJ को जब्त करने का निर्देश दिया गया था।
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लेकिन मल्हार में हुई घटना यह साबित करती है कि प्रशासन अपने आदेशों का पालन करवाने में नाकाम रहा है।
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शादी समारोह और अन्य आयोजनों में अब भी तेज आवाज में DJ बजाए जा रहे हैं।
क्या हादसे को रोका जा सकता था?
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अगर DJ पर हाईकोर्ट के आदेशों का पालन होता, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
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प्रशासन ने DJ की निगरानी के लिए 6 महीने पहले एक टीम बनाई थी, लेकिन टीम की कोई सक्रियता नजर नहीं आ रही।
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अभी भी कई जगहों पर DJ पूरी क्षमता से ज्यादा तेज आवाज में बज रहा है, लेकिन प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा।
पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
क्या पुलिस DJ संचालकों को बचा रही है?
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वकीलों और कानूनी जानकारों का कहना है कि FIR में DJ की तेज आवाज को हादसे की वजह नहीं बताया गया।
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इससे ट्रायल के दौरान आरोपियों को कानूनी लाभ मिलेगा और वे आसानी से बच सकते हैं।
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हाईकोर्ट ने DJ की कानफोड़ू आवाज को प्रतिबंधित किया है, लेकिन पुलिस इसे हादसे का कारण नहीं मान रही।
मुख्य बिंदु:
✔ DJ की तेज आवाज से मल्हार में बड़ा हादसा, 10 लोग घायल, 1 बच्चे की मौत।
✔ पुलिस का दावा – DJ के बॉक्स टकराने से मकान का छज्जा गिरा।
✔ वकीलों का तर्क – DJ की आवाज से हादसा हुआ, पुलिस आरोपियों को बचा रही है।
✔ DJ पर हाईकोर्ट के आदेश लागू नहीं हो रहे, प्रशासन फेल।
✔ पुलिस ने ड्राइवर और DJ संचालक को गिरफ्तार किया, लेकिन आयोजनकर्ता फरार।
✔ हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद शादी और आयोजनों में तेज आवाज में बज रहा DJ।
निष्कर्ष:
बिलासपुर में हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद DJ की तेज आवाज से हादसे हो रहे हैं।
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पुलिस और वकीलों के बीच इस मामले में मतभेद है।
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अगर प्रशासन पहले ही DJ पर सख्ती दिखाता, तो यह हादसा रोका जा सकता था।
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हाईकोर्ट के सख्त आदेशों के बावजूद DJ को लेकर पुलिस और प्रशासन लापरवाही बरत रहे हैं।
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आने वाले समय में अगर DJ पर सख्त एक्शन नहीं लिया गया, तो ऐसे हादसे और बढ़ सकते हैं।