क्या महादेव बेटिंग ऐप मामले में भूपेश बघेल फंस गए हैं?
छत्तीसगढ़ में महादेव बेटिंग ऐप घोटाले की जांच अब CBI के हाथों में है। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ CBI ने FIR दर्ज की है। इससे पहले, ED (प्रवर्तन निदेशालय) और EOW (आर्थिक अपराध शाखा) ने भी इस घोटाले की जांच की थी।
FIR 18 दिसंबर 2024 को दर्ज हुई थी।
अब तक 2,295 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।
♂️ अब तक 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि –
✅ क्या भूपेश बघेल इस मामले में फंस रहे हैं, या यह सिर्फ राजनीतिक दबाव है?
✅ महादेव सट्टा ऐप के असली मास्टरमाइंड कौन हैं?
✅ क्या इस घोटाले का चुनाव से कोई संबंध है?
भूपेश बघेल ने क्या कहा?
CBI की FIR पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा –
“इस मामले में पहले ही 74 से अधिक FIR दर्ज हो चुकी हैं और 200 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।”
“पहले ED ने जांच की, फिर सरकार बदलने के बाद मामला EOW को सौंपा गया, और अब CBI को दिया गया है।”
“भारत सरकार के पास इस तरह के ऑनलाइन सट्टेबाजी को रोकने के लिए कोई स्पष्ट कानून नहीं है।”
उन्होंने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा –
✅ “अगर महादेव ऐप लीगल है, तो प्रोटेक्शन मनी का सवाल क्यों उठ रहा है?”
✅ “अगर यह अवैध है, तो अभी तक इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई?”
✅ “शुभम सोनी (महादेव ऐप का कथित मास्टरमाइंड) की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?”
महादेव बेटिंग ऐप: कैसे काम करता है यह सट्टा सिंडिकेट?
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट है।
यह ऐप यूजर्स को ऑनलाइन सट्टा लगाने की सुविधा देता है।
बेनामी बैंक खातों के जटिल नेटवर्क के जरिए पैसा इधर-उधर किया जाता है।
कई बड़े नेताओं, अधिकारियों और फिल्मी हस्तियों के इससे जुड़े होने की आशंका है।
✅ अब तक ED ने 2,295 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की है।
✅ महादेव सट्टा सिंडिकेट के प्रमुख नाम – सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है।
✅ ED के अनुसार, कई लोग इस घोटाले से जुड़ी अवैध कमाई को वैध बनाने का काम कर रहे थे।
388 करोड़ की संपत्ति अटैच, 11 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं
महादेव बेटिंग ऐप घोटाले में अब तक की बड़ी कार्रवाई –
388 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की गई।
ED ने कोलकाता से शेयर कारोबारी गौरव केडिया को गिरफ्तार किया।
गौरव केडिया महादेव ऐप के प्रमोटरों के लिए सट्टे की रकम को शेयर मार्केट में निवेश कर व्हाइट मनी में बदल रहा था।
ईडी ने छत्तीसगढ़, मुंबई और मध्य प्रदेश में महादेव ऐप से जुड़ी संपत्तियों को अटैच किया।
महादेव ऐप घोटाले की पूरी कहानी
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के जरिए लोग ऑनलाइन सट्टा लगाते थे।
पैसे का लेन-देन बेनामी बैंक खातों के जरिए किया जाता था।
इससे सरकार को करोड़ों रुपये के टैक्स का नुकसान हुआ।
इस नेटवर्क में बड़े-बड़े कारोबारी, राजनेता और फिल्मी सितारे भी जुड़े हो सकते हैं।
✅ ED ने इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है।
✅ 142 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं।
✅ 19 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए।
क्या चुनाव से पहले महादेव ऐप घोटाला बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनेगा?
चुनाव के ठीक पहले शुभम सोनी का एक वीडियो वायरल हुआ था।
ED ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया है, उनके राजनीतिक संबंधों की भी जांच हो रही है।
इस पूरे मामले में भाजपा और कांग्रेस के बीच घमासान मचा हुआ है।
अब जब CBI ने भूपेश बघेल के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है, तो यह मामला और ज्यादा तूल पकड़ सकता है।
महत्वपूर्ण सवाल जो अब भी बाकी हैं –
❓ क्या महादेव ऐप का नेटवर्क सिर्फ छत्तीसगढ़ तक सीमित है, या देशभर में फैला हुआ है?
❓ क्या इस मामले में अन्य बड़े नेताओं के नाम भी सामने आएंगे?
❓ क्या CBI की कार्रवाई निष्पक्ष है, या यह राजनीतिक बदले की भावना से हो रही है?
❓ क्या यह घोटाला 2024 के लोकसभा चुनावों को प्रभावित करेगा?
आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।