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दुर्ग-भिलाई में 2 और बांग्लादेशी पकड़ाए, अब-तक 7 अरेस्ट:12 साल पहले बॉर्डर पार कर भारत में घुसे; फर्जी दस्तावेज बनाकर ठिकाने बदलते रहे

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दुर्ग पुलिस जिले में पुलिस ने 2 और बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। दोनों पिछले करीब 6-8 महीने से कैंप क्षेत्र में रह रहे थे। एसटीएफ और छावनी थाना की संयुक्त टीम ने घुसपैठियों की पहचान कर दोनों को पकड़ा। आरोपी करीब 12 साल पहले बॉर्डर पार से भारत में घुसे। इसके बाद मोहम्मद अली शेख और साथी शेख दक्षिण 24 परगना (पं. बंगाल) के पते पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर ठिकाने बदल-बदल कर रहने लगे। बता दें कि दुर्ग जिले में पुलिस ने अब तक कुल 7 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है।

भिलाई में 12 सालों से रह रहे थे

एएसपी पद्मश्री तंवर ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि अमन लकड़ी टाल के पास कैंप 2 में कुछ बांग्लादेशी किराए के मकान में रह रहे हैं। वो लोग यहां लगभग 10-12 सालों से निवासरत हैं। पुलिस की टीम 3 जून को वहां पहुंची।

एसपी पद्मश्री तवंर के मुताबिक गिरफ्तार बंगलादेशी युवक को पश्चिम बंगाल का एक युवक यहां गार्ड की नौकरी लगाने के नाम से लाया था। उसके बाद युवक वापस पश्चिम बंगाल लौट गया। इसके बाद दोनों पति-पत्नी यहां डेली बेसिस पर जो काम मिलता था जैसे घरेलू, टेंट हाउस, मजदूरी का काम कर रहे थे। पुलिस बंगलादेशी युवक और युवती को लाने वाले आरोपी की तलाश कर रही है।

फर्जी दस्तावेज तैयार किए

पुलिस ने उस मोहल्ले और उस घर में रह रहे लोगों के आधार, पैन, बैंक पासबुक और अन्य दस्तावेजों की जांच की। इस दौरान उन्हें पता चला कि मोहम्मद अब्दुल रौब हुसैन (48 साल) पिता अब्दुल सत्तार खंदोकर, मूल निवासी जिला जेस्सोर बांग्लादेश और साथी खातून पिता मोहम्मद जमशेर सरदार निवासी जिला जेस्सोर बांग्लादेश के रहने वाले हैं।

पुलिस ने दोनों बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ अवैध रूप से भारत बांग्लादेश सीमा पारकर बिना वैध दस्तावेज के भारत में रहने के मामले में और फर्जी कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उसका दुरूपयोग करने के अपराध में मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया है। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

अवैध रूप से सीमा पारकर पश्चिम बंगाल पहुंचा

मोहम्मद अब्दुल साल 2012 में भारत-बांग्लादेश सीमा को अवैध रूप से पारकर पश्चिम बंगाल के 24 परगना पहुंचा। जहां हुसैन शेख नाम के व्यक्ति की लड़की से शादी कर उसकी मदद से मोहम्मद अली शेख के फर्जी नाम से जन्मतिथि बदलकर भारतीय नागरिकता संबंधी फर्जी एवं कूटरचित आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड समेत अन्य दस्तावेज बना लिए। आरोपी पिछले 5-6 महीने से भिलाई के कैंप-2 में रह रहा था।

बांग्लादेश में रिश्तेदारों से लगातार संपर्क में था

जांच में पाया गया कि मोहम्मद अब्दुल रौब हुसैन मोबाइल इंटरनेट के माध्यम से बांग्लादेश में रहने वाले रिश्तेदारों से लगातार संपर्क में था। आरोपी से उसके बांग्लादेशी नागरिकता से संबंधित फोटो परिचय पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, बांग्लादेशी पासपोर्ट संबंधी दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

2014 में भारत पहुंची थी महिला

इसी तरह बांग्लादेशी महिला साथी ने पूछताछ में अपना असली नाम साथी खातून पिता मोहम्मद जमशेर सरदार निवासी जेस्सोर बांग्लादेश बताया, जो वर्ष 2014 में अवैध रूप से बॉर्डर पार कर भारत पहुंची। पिछले 7-8 माह से कैंप-2 छावनी में किराए के मकान में रह रही थी।

उसने अपने मामा मोहम्मद अब्दुल रौब के सहयोग से भारतीय नागरिकता संबंधी फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक बनवाए। वह भी लगातार अपने बांग्लादेश में रहने वाले रिश्तेदारों से संपर्क में थी। अब टीम प्रकरण में दोनों बांग्लादेशियों को सहयोग करने, संरक्षण देने एवं फर्जी दस्तावेज तैयार करने के षड्यंत्र में शामिल व्यक्तियों की पहचान करने में जुट गई है।

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