भारतीय शेयर बाजार पर अमेरिका के 50% टैरिफ का सीधा असर देखने को मिला। गुरुवार (28 अगस्त) को मार्केट खुलते ही निवेशकों की घबराहट साफ नजर आई। सेंसेक्स 657 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 80,124 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है, जबकि निफ्टी 200 अंक गिरकर 24,400 के आसपास पहुंच गया।
इस तेज गिरावट ने बाजार में निवेशकों का भरोसा हिलाया है। अधिकांश सेक्टर लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। आईटी, टेक और बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई।
16 में से 14 सेक्टर में गिरावट
बाजार के 16 प्रमुख सेक्टरों में से 14 सेक्टरों में गिरावट आई। स्मॉल-कैप इंडेक्स 0.2% और मिड-कैप इंडेक्स 0.1% फिसल गए। निवेशकों को आशंका है कि अमेरिका की पॉलिसी में यह सख्ती भारत के निर्यात और कारोबारी भावनाओं पर लंबा असर डाल सकती है।
क्यों आई बाजार में यह गिरावट?
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अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 50% टैरिफ लगाया।
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निर्यात-आधारित सेक्टर जैसे टेक्सटाइल, रत्न-आभूषण, समुद्री उत्पाद, रसायन और ऑटो पार्ट्स पर इसका असर होगा।
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विदेशी निवेशकों ने अगस्त में अब तक 2.66 अरब डॉलर के शेयर बेचे — यह फरवरी के बाद से सबसे बड़ी बिकवाली है।
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कॉर्पोरेट आय सीज़न सुस्त रहा, जिससे निवेशकों का भरोसा और कमजोर हुआ।
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क्रूड ऑयल के दाम भी गिर रहे हैं, अमेरिकी ईंधन डिमांड को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है।
एक्सपर्ट की राय
स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के रिसर्च हेड संतोष मीणा के अनुसार:
“अमेरिकी टैरिफ भारत के निर्यात क्षेत्रों पर सीधा प्रहार है। टेक्सटाइल से लेकर ऑटो सेक्टर तक असर होगा। निवेशक फिलहाल सावधानी बरतेंगे, जिससे बाजार में शॉर्ट-टर्म दबाव बना रहेगा।”
निवेशकों के लिए संकेत
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ग्लोबल इकोनॉमिक पॉलिसी पर नजर रखें।
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अल्पावधि में वोलैटिलिटी बनी रह सकती है।
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निर्यात-आधारित और आईटी-टेक शेयरों में सावधानी बरतें।
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डिफेंसिव स्टॉक्स और घरेलू-उन्मुख सेक्टरों में निवेश रणनीति बनाना लाभकारी हो सकता है।
मुख्य झलकियां:
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सेंसेक्स 657 अंक टूटा, निफ्टी 200 अंक फिसला।
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16 में से 14 सेक्टर लाल निशान में।
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FII ने अगस्त में 2.66 अरब डॉलर की बिकवाली की।
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अमेरिकी टैरिफ से टेक्सटाइल, ज्वेलरी, ऑटो पार्ट्स सेक्टर को बड़ा झटका।
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क्रूड ऑयल की कीमतें भी गिरीं।