भारत का प्रतिष्ठित डोमेस्टिक क्रिकेट टूर्नामेंट दलीप ट्रॉफी आज से अपने 62वें सीजन की शुरुआत कर रहा है। यह वही टूर्नामेंट है, जिसने भारतीय क्रिकेट को कई दिग्गज खिलाड़ी दिए और जिसे टेस्ट क्रिकेट के लिए सर्वश्रेष्ठ टैलेंट तैयार करने के मकसद से शुरू किया गया था।
क्यों शुरू हुई थी दलीप ट्रॉफी?
साल 1960 में भारतीय क्रिकेट टीम का टेस्ट प्रदर्शन संतोषजनक नहीं था। पाकिस्तान क्रिकेट के मोर्चे पर भारत से आगे निकल रहा था। BCCI ने फैसला किया कि रणजी ट्रॉफी के एकतरफा मुकाबलों से हटकर एक नया टूर्नामेंट शुरू किया जाए, जिसमें सिर्फ टक्कर की टीमें खेलें।
✅ देश को पांच जोन्स – नॉर्थ, साउथ, ईस्ट, वेस्ट और सेंट्रल – में बांटकर हर जोन से एक टीम बनाई गई।
✅ 1961 में पहला सीजन खेला गया और इसका नाम रखा गया दलीप ट्रॉफी, जो भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ी कुमार श्री दलीप सिंहजी के नाम पर रखा गया।
IPL से पहले विदेशी खिलाड़ियों का मेला!
IPL से दशकों पहले ही विदेशी क्रिकेटर्स दलीप ट्रॉफी का हिस्सा बन चुके थे।
-
1962: दूसरे सीजन में वेस्टइंडीज के दिग्गज तेज गेंदबाज रॉय गिलक्रिस्ट साउथ जोन से खेले और फाइनल में 3 विकेट लेकर टीम को चैंपियन बनाया।
-
2004-2007: टूर्नामेंट में विदेशी टीमें भी शामिल हुईं।
-
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड XI (2004)
-
जिम्बाब्वे प्रेसिडेंट XI (2005)
-
श्रीलंका और इंग्लैंड A टीम (2006-07)
-
इस दौरान रंगना हेराथ, केविन पीटरसन, और जोनाथन ट्रॉट जैसे बड़े नाम भी खेले।
-
वेस्ट जोन का दबदबा, जाफर का जलवा
-
वेस्ट जोन ने अब तक 19 खिताब अपने नाम किए हैं – सबसे ज्यादा।
-
नॉर्थ जोन इसके करीब 18 बार ट्रॉफी जीत चुका है।
-
टूर्नामेंट के रन मशीन हैं वसीम जाफर, जिन्होंने दलीप ट्रॉफी में 2545 रन बनाए।
-
1999 के फाइनल में उन्होंने नॉर्थ जोन के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डन्स में नाबाद 173 रन ठोके थे।
62वां सीजन: 28 अगस्त से 11 सितंबर तक
2025 का दलीप ट्रॉफी सीजन फिर से जोनल फॉर्मेट में खेला जा रहा है। अब देखना होगा कि इस बार कौन सा जोन बनेगा चैंपियन!
हाइलाइट्स:
-
टेस्ट क्रिकेट के लिए टैलेंट तैयार करने का मकसद।
-
विदेशी खिलाड़ियों ने 60 के दशक से ही बढ़ाई शान।
-
वेस्ट जोन 19 बार चैंपियन।
-
वसीम जाफर हैं टूर्नामेंट के रन किंग।
-
नया सीजन शुरू, 11 सितंबर तक मुकाबला।