छत्तीसगढ़ के सुकमा ज़िले में शिक्षक दिवस और राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर जिला स्तरीय भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन शुक्रवार को शबरी ऑडिटोरियम, एजुकेशन सिटी, कुम्हाररास में संपन्न हुआ।
शिक्षकों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में जिले के चयनित शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण 2025 अंतर्गत शिक्षादूत पुरस्कार से नवाजा गया। इसके अलावा सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी शॉल, श्रीफल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथियों ने कहा कि शिक्षा वह दीप है, जो समाज के अंधकार को मिटाकर प्रकाश की ओर ले जाता है।
शिक्षा है गरीबी से उबरने का साधन
मुख्य अतिथि एवं दंतेवाड़ा विधायक चैतराम आटामी ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा –
“हमारा राज्य 25 वर्ष पूरे करने जा रहा है, इसलिए रजत जयंती मनाई जा रही है। गरीबी कभी भी शिक्षा की राह में बाधा नहीं बन सकती। शिक्षा ही वह मार्ग है, जो बच्चों और देश के भविष्य को नई दिशा देता है।”
उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे अपने कर्तव्यों को निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएँ, ताकि विद्यार्थी उत्कृष्ट परिणाम देकर जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।
बच्चों की उपलब्धियाँ
अतिथियों ने यह भी उल्लेख किया कि सुकमा के बच्चे न केवल शिक्षा में बल्कि खेलकूद में भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। यहाँ के कई विद्यार्थी डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य सेवाओं में चयनित होकर समाज की सेवा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा –
“जिस प्रकार दीपक पूरे घर को रोशन करता है, उसी प्रकार शिक्षक अपने ज्ञान से बच्चों और समाज को उज्ज्वल भविष्य प्रदान करते हैं।”
नया सुकमा, नया छत्तीसगढ़
जनप्रतिनिधि धनीराम बारसे ने उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद करते हुए कहा कि नए सुकमा और नए छत्तीसगढ़ के निर्माण में शिक्षक लगातार अहम योगदान दे रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जिले में शिक्षा के क्षेत्र में हो रही प्रगति की सराहना की।
कार्यक्रम में विशेष उपस्थिति
इस अवसर पर जनप्रतिनिधि धनीराम बारसे, राज्य महिला आयोग सदस्य दीपिका शोरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष महेश कुंजाम, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष हुंगाराम मरकाम, उपाध्यक्ष रीना पेद्दी, जनपद पंचायत कोंटा अध्यक्ष कुसुम लता कवासी, दिलीप पेद्दी समेत कई पार्षद और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रशासनिक अधिकारियों में अपर कलेक्टर गजेंद्र सिंह ठाकर, जिला शिक्षा अधिकारी जी.आर. मंडावी और शिक्षा विभाग के अन्य कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन प्रधान अध्यापक टी. श्रीनिवास वासु और टी.डी. दास ने किया।