दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है। रविवार सुबह पुराने लोहे के पुल पर नदी का स्तर 205.59 मीटर दर्ज किया गया, जबकि शनिवार रात यह 205.98 मीटर था। हालांकि राहत की बात यह है कि पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन खतरे का निशान (205.33 मीटर) अब भी पार है।
हालात अभी भी गंभीर
कई निचले इलाकों में पानी भरा हुआ है। मयूर विहार और मोनेस्ट्री क्षेत्र में हालात सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। राहत कैंपों में लोगों को शिफ्ट किया गया है और नावों के जरिए मदद पहुंचाई जा रही है। वहीं, कुछ जगहों पर धीरे-धीरे पानी उतरने लगा है।
प्रशासन अलर्ट पर
बाढ़ नियंत्रण विभाग और प्रशासन लगातार हालात पर नज़र बनाए हुए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अगर जलस्तर में गिरावट का सिलसिला जारी रहा तो अगले 1-2 दिन में हालात सामान्य हो सकते हैं।
बैराज से छोड़े गए पानी का असर
हथिनीकुंड और वजीराबाद बैराज से छोड़े गए पानी का असर यमुना के स्तर पर पड़ता है। 6 सितंबर की रात हथिनीकुंड से 46,501 क्यूसेक और वजीराबाद से 93,260 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। यह पानी 48-50 घंटे में दिल्ली पहुंचता है, जिससे बाढ़ का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है।