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सुप्रीम कोर्ट का नया आदेश: अब परिसर में फोटो-वीडियो और रील्स पर पूरी तरह रोक

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सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों और मीडियाकर्मियों की गतिविधियों पर बड़ा फैसला लिया है। अदालत की गरिमा और सुरक्षा को देखते हुए शीर्ष अदालत ने एक नया परिपत्र जारी किया है। इसके तहत अब सुप्रीम कोर्ट के उच्च सुरक्षा क्षेत्र (High Security Zone) में कोई भी व्यक्ति—चाहे वह वकील हो, वादी हो, प्रशिक्षु, विधि लिपिक या मीडिया प्रतिनिधि—फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और रील्स नहीं बना सकेगा।

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की मांग पर यह कदम उठाया गया है और यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं।

क्या-क्या नहीं होगा अब?

  • मोबाइल फोन से फोटो या वीडियो बनाना मना

  • कैमरा, ट्राइपॉड और सेल्फी स्टिक ले जाना प्रतिबंधित

  • इंटरव्यू और न्यूज़ कवरेज सिर्फ मीडिया लॉन तक सीमित

  • सुरक्षा कर्मियों को नियम तोड़ने वालों को रोकने का अधिकार

सुप्रीम कोर्ट के 8 मुख्य दिशा-निर्देश

  1. उच्च सुरक्षा क्षेत्र में आधिकारिक काम को छोड़कर फोटो और वीडियो पूरी तरह बैन।

  2. मीडियाकर्मी सिर्फ मीडिया लॉन में इंटरव्यू और लाइव कवरेज कर पाएंगे।

  3. मोबाइल फोन से फोटो/वीडियो बनाने पर पाबंदी।

  4. कैमरा, ट्राइपॉड, सेल्फी स्टिक जैसे उपकरणों का इस्तेमाल मना।

  5. वकील, वादी या विधि लिपिक नियम तोड़ते हैं तो संबंधित बार एसोसिएशन कार्रवाई करेगा।

  6. मीडिया प्रतिनिधि नियम तोड़ते हैं तो एक महीने तक हाई सिक्योरिटी जोन में प्रवेश बंद।

  7. रजिस्ट्री या अन्य विभाग के कर्मचारी उल्लंघन करेंगे तो विभागीय कार्रवाई होगी।

  8. अगर कोई भी व्यक्ति नियम तोड़कर फोटो खींचता है, तो सुरक्षा गार्ड तुरंत उसे रोक सकते हैं।

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