पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एमबीबीएस छात्रा से हुए गैंगरेप मामले ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। पुलिस ने इस कांड में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अब भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा।
इस बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीड़िता के पिता से फोन पर बातचीत की। बातचीत के दौरान पिता ने दावा किया कि उनकी बेटी की जिंदगी खतरे में है, इसलिए उसे ओडिशा शिफ्ट करने की इजाज़त दी जाए। इस पर सीएम ने उन्हें भरोसा दिलाया कि मामले पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
पिता की व्यथा
पीड़िता के पिता ने मीडिया से बातचीत में कहा –
“मेरी बेटी की हालत अभी भी नाजुक है। वह बिस्तर से उठ भी नहीं पा रही है। सीएम, डीजी, एसपी और कलेक्टर लगातार हमारी मदद कर रहे हैं और बेटी की सेहत की जानकारी ले रहे हैं। लेकिन मुझे लगता है कि यहां उसकी जान को खतरा है, इसलिए मैंने सीएम से अनुरोध किया कि उसे ओडिशा ले जाने दिया जाए।”
राजनीतिक प्रतिक्रिया
-
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा –
“महिलाओं पर अत्याचार देशभर में बढ़ रहे हैं। हर बार सवाल उठते हैं लेकिन जवाब कभी नहीं मिलते। अब वक्त है कि समाज और सरकार मिलकर इन अपराधों के खिलाफ खड़े हों।” -
वहीं, बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए कहा –
“बंगाल में भी अपराधियों को योगी आदित्यनाथ मॉडल पर सजा मिलनी चाहिए। राज्य को भी यूपी जैसी सख्त सरकार की जरूरत है।”
घटना की पूरी कहानी
एमबीबीएस छात्रा अपने दोस्त के साथ भोजन के लिए बाहर निकली थी। रास्ते में कुछ युवकों ने उसे जबरदस्ती पकड़ लिया और सामूहिक दुष्कर्म किया। हैरानी की बात यह रही कि छात्रा का दोस्त मुकाबला करने के बजाय वहां से भाग गया। बाद में वह मौके पर लौटा और पीड़िता को देखा, जिसके बाद छात्रा को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। आसनसोल दुर्गापुर पुलिस आयुक्तालय के अनुसार, अब तक तीन आरोपी पकड़ में आ चुके हैं, जबकि दो अभी भी फरार हैं।