नई दिल्ली। दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय (DSEU) के छठे स्थापना दिवस समारोह में शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि राजधानी को आने वाले वर्षों में देश की ‘कौशल राजधानी’ (Skill Capital) के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्किल इंडिया केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराने की एक व्यापक मुहिम है।
युवाओं को केवल डिग्री नहीं, बल्कि रोजगार उन्मुख कौशल
शिक्षा मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार की प्राथमिकता सिर्फ डिग्री बांटना नहीं है, बल्कि युवाओं को ऐसे कौशल और प्रशिक्षण देना है जो उद्योग की ज़रूरतों के अनुरूप हों। DSEU इसी सोच का परिणाम है, जो छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाने का काम कर रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार शिक्षा क्षेत्र में सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के संकल्प के साथ ठोस सुधार और नवाचार ला रही है।
राष्ट्रीय युवा दिवस का विशेष आयोजन
समारोह के दौरान मंत्री ने घोषणा की कि 12 जनवरी को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय युवा दिवस अब हर वर्ष दिल्ली में विशेष रूप से मनाया जाएगा। वर्ष 2026 से यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर होगा, जिसमें देशभर के छात्र, नवोन्मेषक और युवा उद्यमी शिरकत करेंगे।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षा से जुड़े लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए एक कोर कमेटी बनाई जाएगी, जो समयबद्ध तरीके से सभी समस्याओं का समाधान करेगी।
स्ट्रीट वेंडरों और प्रोफेशनल्स के लिए स्किल प्रोग्राम
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अशोक कुमार नागावत ने कहा कि DSEU का मूलमंत्र है क्राफ्टिंग एक्सीलेंस। उन्होंने बताया कि नए शैक्षिक साझेदारों के सहयोग से जल्द ही स्ट्रीट वेंडरों और विभिन्न प्रोफेशनल्स के लिए शॉर्ट-टर्म स्किल प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य है—छोटे उद्यमियों को मजबूत करना और उनके पेशेवर कौशल को निखारना।