पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक जीतने वाले भारतीय पहलवान अमन सहरावत ने अपने ऊपर लगे एक साल के निलंबन को लेकर कुश्ती महासंघ (WFI) से पुनर्विचार करने की गुजारिश की है। उन्होंने माना कि हाल ही में उनकी गलती से यह स्थिति पैदा हुई और भविष्य में ऐसी भूल दोहराने का वादा नहीं किया।
वजन घटाने में चूक बनी सज़ा की वजह
सितंबर में जागरेब विश्व चैंपियनशिप से पहले सहरावत का वजन निर्धारित सीमा से 1.7 किलोग्राम ज्यादा पाया गया था। इसी गलती की वजह से WFI ने उन पर एक साल का प्रतिबंध लगाया। महासंघ ने 23 सितंबर को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन 29 सितंबर को दिए गए उनके जवाब को अनुशासन समिति ने असंतोषजनक माना।
सम्मान समारोह में मानी गलती
भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) द्वारा आयोजित एक सम्मान समारोह में सहरावत ने कहा –
“यह मेरी पहली गलती थी। मैंने समय पर वजन कम न करने की चूक की। मैं डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह से मिलकर अनुरोध करूंगा कि मेरा निलंबन हटाया जाए। मैं भरोसा दिलाता हूं कि यह गलती दोबारा नहीं होगी।”
पेट दर्द बना मुख्य कारण
सहरावत ने बताया कि प्रतियोगिता से ठीक एक दिन पहले उनका वजन सिर्फ 600-700 ग्राम अधिक था।
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जिम सेशन के दौरान अचानक उन्हें तेज पेट दर्द हुआ।
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उन्होंने अभ्यास छोड़कर सीधे कमरे का रुख किया।
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देर रात तक दर्द बना रहा और दवा लेने के बावजूद सुबह तक वे वज़न कम नहीं कर पाए।
करियर पर बड़ा असर
सहरावत ने चिंता जताई कि एक साल का प्रतिबंध उनके करियर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
उन्होंने कहा –
“2026 में एशियाई खेल और विश्व चैंपियनशिप हैं। एशियाई खेल चार साल में आते हैं। अगर मैं उनसे चूक गया तो यह मेरे लिए बहुत बड़ा झटका होगा।”
अब देखना होगा कि WFI उनके अनुरोध पर विचार करता है या नहीं। अगर निलंबन जारी रहा, तो भारत को एशियाई खेलों में अपने मेडल की उम्मीदों पर असर पड़ सकता है।