बंगलूरू की ट्रैफिक पुलिसिंग अब पूरी तरह हाई-टेक हो गई है। यहां सड़क पर गाड़ियों पर नज़र रखने का काम अब पुलिसकर्मी नहीं बल्कि एआई कैमरे कर रहे हैं।
जनवरी से जुलाई 2025 के बीच दर्ज किए गए ट्रैफिक उल्लंघनों में से 87 प्रतिशत चालान कॉन्टैक्टलेस तरीके से सिर्फ कैमरों के जरिए काटे गए। यह आंकड़े ट्रैफिक पुलिस के ASTraM (Actionable Intelligence for Sustainable Traffic Management) सिस्टम से सामने आए हैं।
कैसे काम करता है यह सिस्टम?
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सड़कों पर लगे AI-सक्षम कैमरे गाड़ियों की स्पीड, सिग्नल जंप, हेलमेट और सीट बेल्ट उल्लंघन जैसे मामलों को रियल टाइम में कैप्चर करते हैं।
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यह डेटा सीधे पुलिस सर्वर पर जाता है।
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इसके आधार पर ऑटोमेटेड ई-चालान वाहन मालिक के नाम पर जनरेट होकर मोबाइल और ईमेल पर भेजा जाता है।
फायदे क्या हुए?
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ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर तुरंत कार्रवाई होती है।
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सड़क पर पुलिस और वाहन चालकों के बीच अनावश्यक विवाद कम हुए हैं।
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पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो गई है, क्योंकि चालान में उल्लंघन का फोटो/वीडियो प्रूफ भी भेजा जाता है।
बंगलूरू का यह मॉडल अब देश के दूसरे बड़े शहरों में भी लागू करने पर विचार हो रहा है, ताकि ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षित बनाया जा सके।