गढ़चिरौली में आत्मसमर्पण करेगा सोनू उर्फ भूपति
सूत्रों के अनुसार, नक्सल इतिहास का सबसे बड़ा आत्मसमर्पण मंगलवार, 14 अक्टूबर को गढ़चिरौली में होने वाला है। बताया जा रहा है कि कुख्यात नक्सल नेता सोनू उर्फ भूपति अपने 61 साथियों और 50 से ज्यादा हथियारों के साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने आत्मसमर्पण करेगा।
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भूपति का असली नाम मल्लोजुला वेणुगोपाल है।
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उम्र लगभग 70 वर्ष, मूल निवासी करीमनगर (तेलंगाना)।
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बी.कॉम पास, पत्नी डीवीसी ताराबाई (आंध्रप्रदेश निवासी)।
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संगठन में भूमिकाएं:
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पोलित ब्यूरो सदस्य
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सेंट्रल कमेटी सदस्य
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सीआरबी सचिव
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भाकपा (माओवादी) प्रवक्ता
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हथियार: AK-47
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इनाम: ₹1 करोड़
भूपति ने कुछ समय पहले संघर्ष विराम का प्रेस नोट जारी किया था, जिसके बाद नक्सली संगठन में खलबली मच गई थी। संगठन ने PLGA को उससे और उसके साथियों से हथियार छीनने का आदेश भी दिया था। इसी कारण भूपति की जान को अपने ही साथियों से खतरा था।
बस्तर में भाजपा नेता की हत्या
इधर, छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से बड़ी खबर आई है। नक्सलियों ने भाजपा कार्यकर्ता पुनेम सत्यम की बेरहमी से हत्या कर दी।
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आरोप: पुलिस मुखबिरी।
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हत्या की जिम्मेदारी: नक्सलियों की मड्डेड एरिया कमेटी ने ली।
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घटनास्थल पर छोड़ा गया पर्चा, जिसमें लिखा गया:
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भाजपा, आरएसएस और मोदी सरकार ने 2026 मार्च तक माओवादी पार्टी के खात्मे का लक्ष्य तय किया है।
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भाजपा संगठन गांव-गांव में पुलिस मुखबिर तैयार कर हमारी गतिविधियों पर हमला कर रहा है।
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पूनेम सत्यम को 2016 से कई बार चेतावनी दी गई थी कि वह मुखबिरी छोड़ दे, लेकिन उसने नहीं मानी।
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26 जुलाई 2024 को पुलिस की कार्रवाई में कई नक्सलियों के पकड़े जाने का जिम्मेदार भी उसे ठहराया गया।
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नक्सलियों ने पर्चे में लिखा कि सत्यम की हत्या का जिम्मेदार भाजपा और सरकार है, न कि उनकी एरिया कमेटी।
यानी, एक तरफ देश को सबसे बड़ा नक्सल सरेंडर देखने को मिलेगा, वहीं दूसरी ओर बस्तर में भाजपा नेता की हत्या ने नक्सली हिंसा की गंभीरता फिर से उजागर कर दी है।