छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से नक्सली हिंसा की एक और वारदात सामने आई है। इलमिडी थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने भाजपा कार्यकर्ता सत्यम पुनेम की बेरहमी से रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। घटना सोमवार देर रात (13 अक्टूबर) को हुई।
हत्या के बाद नक्सलियों ने घटनास्थल पर पर्चा फेंककर आरोप लगाया कि पुनेम उनकी गतिविधियों की सूचना पुलिस को देता था। सुबह शव मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
6 दिनों में तीसरी हत्या
बस्तर में नक्सलियों ने पिछले 6 दिनों में तीन हत्याएं की हैं, जिससे इलाके में दहशत फैल गई है।
1️⃣ 9 अक्टूबर – पामेड़ थाना क्षेत्र के उड़तामल्ला गांव में ग्रामीण कुमार पोडियम की गोली मारकर हत्या। आरोप: पुलिस मुखबिरी।
2️⃣ 11 अक्टूबर – उसूर थाना क्षेत्र के कमलापुर गांव में ग्रामीण गुड्डू सोड़ी को धारदार हथियारों से मार डाला।
3️⃣ 13 अक्टूबर – भाजपा कार्यकर्ता सत्यम पुनेम की गला घोंटकर हत्या।
इससे पहले 28 सितंबर को भी बीजापुर के मनकेली पटेलपारा गांव में 27 वर्षीय सुरेश कोरसा की हत्या कर दी गई थी।
25 साल का खौफनाक आंकड़ा
राज्य गठन (2000) से अब तक नक्सली हिंसा ने 1820 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है। इनमें आम नागरिक, ग्रामीण, कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि शामिल हैं। सबसे ज्यादा हत्याएं बीजापुर जिले में हुई हैं, जहां नक्सलियों का गढ़ माना जाता है।
साफ है कि बस्तर में नक्सली हिंसा की ये कड़ी अब भी टूटी नहीं है। जहां एक तरफ बड़े नक्सली नेता सरेंडर कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्याएं यह साबित करती हैं कि जंगलों में अब भी नक्सली आतंक अपनी पकड़ बनाए हुए हैं।