स्टील ऑथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की रावघाट लौह अयस्क परियोजना के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सेल एवं भुवनेश्वर स्थित मेसर्स कलिंगा कमर्शियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच ‘14 एमटीपीए क्षमता वाली रावघाट खनन परियोजना के विकास एवं संचालन हेतु नए माइन डेवलपर-कम-ऑपरेटर (एमडीओ) के चयन’ के लिए माइनिंग सर्विसेज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए।
यह समझौता 28 वर्षों की अवधि के लिए किया गया है, जिसमें प्रारंभिक तीन वर्ष निर्माण अवधि के रूप में निर्धारित हैं। इस अवधि में नया एमडीओ खदान के सर्वांगीण विकास और संचालन का दायित्व संभालेगा, जिससे सेल के एकीकृत इस्पात संयंत्रों के लिए लौह अयस्क की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित होगी और संगठन की दीर्घकालीन कच्चे माल की सुरक्षा सुदृढ़ होगी।
इस समझौते पर मुख्य महाप्रबंधक (रावघाट) श्री अनुपम बिष्ट ने सेल की ओर से तथा निदेशक (वित्त) श्री मनोज रंजन सामल ने मेसर्स कलिंगा कमर्शियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से हस्ताक्षर किए।
एग्रीमेंट हस्ताक्षर समारोह में कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) श्री एस. मुखोपाध्याय, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) श्री प्रवीण निगम, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार, कार्यपालक निदेशक (खदान) श्री बिपिन कुमार गिरी तथा कार्यपालक निदेशक (रावघाट) श्री अरुण कुमार सहित भिलाई इस्पात संयंत्र के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों, परामर्शदाता सीईटी एवं मेसर्स कलिंगा कमर्शियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।