Potassium Deficiency: पोटैशियम की कमी से हो सकती हैं ये 4 बीमारियां, डाइट में इन चीजों को करें शामिल

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पोटैशियम शरीर का एक ज़रूरी मिनरल है, जो मांसपेशियों, दिल और नर्वस सिस्टम के सही कामकाज के लिए अहम भूमिका निभाता है। यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखता है और ऊर्जा उत्पादन से लेकर ब्लड प्रेशर कंट्रोल तक में सहायक होता है। लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी जीवनशैली और गलत खानपान के चलते लोगों में पोटैशियम की कमी आम हो गई है।

इसकी कमी से थकान, मांसपेशियों में ऐंठन, हाई ब्लड प्रेशर और अनियमित हार्टबीट जैसे लक्षण दिखने लगते हैं। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह गंभीर बीमारियों की वजह बन सकता है।


पोटैशियम की कमी से होने वाले नुकसान

1. मांसपेशियों की कमजोरी और ऐंठन
पोटैशियम मसल्स को सही इलेक्ट्रिक सिग्नल भेजने में मदद करता है। इसकी कमी होने पर ये प्रक्रिया बाधित हो जाती है और पैरों या शरीर के अन्य हिस्सों में ऐंठन, झनझनाहट और कमजोरी महसूस होती है। यह समस्या उन लोगों में ज़्यादा पाई जाती है जो ज्यादा पसीना बहाते हैं या पर्याप्त पानी नहीं पीते।

2. दिल की धड़कन में अनियमितता
दिल की धड़कन को सामान्य बनाए रखने में पोटैशियम का योगदान होता है। जब इसका स्तर कम हो जाता है, तो हृदय की विद्युत गतिविधि असंतुलित हो जाती है। इससे धड़कन असामान्य रूप से तेज़ या धीमी हो सकती है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति रहने पर अरिदमिया (Arrhythmia) जैसी हार्ट डिज़ीज़ का खतरा बढ़ जाता है।

3. हाई ब्लड प्रेशर
पोटैशियम की कमी और सोडियम की अधिकता ब्लड प्रेशर को असामान्य रूप से बढ़ा देती है। सामान्य स्थिति में पोटैशियम रक्त वाहिकाओं को रिलैक्स करता है और सोडियम के नकारात्मक असर को कम करता है। इसलिए डाइट में केले, पालक और दही जैसे पोटैशियम-रिच फूड्स शामिल करना ज़रूरी है।

4. थकान और सुस्ती
शरीर की कोशिकाओं को ऊर्जा उत्पादन के लिए पोटैशियम चाहिए। जब यह मिनरल कम हो जाता है, तो कोशिकाएं सही ढंग से काम नहीं कर पातीं और व्यक्ति को जल्दी थकान, आलस और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी महसूस होती है।


पोटैशियम लेवल को बैलेंस रखने वाले फूड्स

  • केला, एवोकाडो और नारियल पानी

  • पालक, मेथी और चुकंदर के पत्ते

  • दूध, दही और छाछ

  • संतरा, कीवी और सूखे खजूर

  • आलू और शकरकंद

इन चीजों को डाइट में शामिल करने से पोटैशियम की कमी पूरी की जा सकती है और शरीर एनर्जेटिक बना रहता है।


नोट: यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी हेल्थ प्रॉब्लम के लिए हमेशा डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह ज़रूर लें।

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