भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों का दो दिवसीय सम्मेलन आज नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल मैनेजमेंट में संपन्न हुआ।
सम्मेलन की अध्यक्षता मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने की, इस दौरान निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी भी उपस्थित रहे। देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने इस सम्मेलन में भाग लिया।
बैठक में आगामी ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ की तैयारियों की समीक्षा की गई। आयोग ने सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को अपने-अपने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की तैयारियों को शीघ्र अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने एसआईआर की प्रक्रिया पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधान किया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, सटीक और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि प्रत्येक योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित हो सके। आयोग ने पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों पर हुई प्रगति की समीक्षा करते हुए वर्तमान मतदाता सूची की तुलना पिछले एसआईआर के आंकड़ों से करने पर भी जोर दिया।
आयोग ने आगामी चुनाव वाले राज्यों असम, तमिलनाडु, पुदुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें कर राज्यवार तैयारियों का मूल्यांकन किया।
यह सम्मेलन 10 सितंबर 2025 को आयोजित एसआईआर तैयारी बैठक की अनुवर्ती कार्रवाई के रूप में आयोजित किया गया। उस बैठक में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा मतदाताओं की संख्या, पिछली अर्हता तिथि और मतदाता सूची के अद्यतन की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी।
आयोग ने सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से अपेक्षा की है कि आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाए, ताकि आगामी निर्वाचन प्रक्रियाओं के लिए अद्यतन और त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार हो सके।