गंगरेल मड़ई का भव्य आयोजन: मां अंगारमोती के आशीर्वाद ने भर दी सूनी गोद

Spread the love

धमतरी। शुक्रवार को गंगरेल स्थित मां अंगारमोती की मड़ई में अद्भुत नजारा देखने को मिला। एकतरफ एक हजार से अधिक महिलाओं ने संतान प्राप्ति की मन्नत लिए साष्टांग शरणागत होकर परण पड़ने की परम्परा निभाई, वहीं दूसरी ओर संतान सुख प्राप्त कर चुके अनेक दंपतियों ने माता को मन्नत देने की विधान पूरी की। हर साल दीपावली के बाद आने वाले प्रथम शुक्रवार को आदिशक्ति मां अंगारमोती के प्रांगण में मड़ई मेला का आयोजन होता है, जिसमें अंचल की प्राचीन संस्कृति वैभव दिखती है। इस दिन निःसंतान महिलाएं माता के दरबार में सूनी गोद भरने के लिए आदिकाल से चली आ रही परण पड़ने की परम्परा निभाती हैं।

भानुप्रतापपुर निवासी योगेश्वरी पति परमेश्वर हल्बा बताती हैं कि उनके पति शिक्षक हैं। उनका विवाह दस साल पहले हुआ था। पुत्ररत्न के लिए उन्होंने कई डाक्टर से इलाज करवाया, लेकिन कोई लाभ नहीं मिला। उसे गांव के एक व्यक्ति से जानकारी मिली कि मां अंगारमोती की मड़ई में परण पड़ने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। उन्होंने सन 2024 की मड़ई में पुत्र प्राप्ति के लिए श्रद्धा के साथ परण पड़ने की परम्परा पूरी की। सन 2025 में उनकी सूनी गोद भर गई। माता के आशीर्वाद से प्राप्त पुत्र का नाम देवांश रखा है। मनोकामना पूर्ण होने पर माता को मन्नत देने पहुंचे हैं।

आठ साल पहले शादी हुई है
बालोद जिले के ग्राम खुंटेरी निवासी लक्ष्मी पति पीलाराम तारम ने बताया कि, उनका विवाह पांच साल पहले हुआ है। सन 2023 में माता के दरबार में पहुंचकर परण पड़कर संतान सुख की कामना की थी। दो साल के अंदर उसे पुत्र की प्राप्ति हुई,जिसका नाम युगांश रखा है। वे सपरिवार माता को मन्नत देने पहुंचे हैं। कांकेर जिले के चारभाठा निवासी पूर्णिमा सोरी पति चेतन बताती हैं कि आठ साल पहले शादी हुई है। डाक्टर सहित अनेक वैद्यों से वंशवृद्धि के लिए उपचार कराया। इंस्टाग्राम के माध्यम से मां आंगरमोती की मड़ई में परण पड़ने की जानकारी मिली। सन 2022 की मड़ई में परण पड़ने की रस्म निभाई। सन 2024 में उनकी मनोकामना पूरी हो गई। इस साल के मेला में मां के आशीर्वाद का आभार व्यक्त करने सपरिवार पहुंचे हैं।

परण पड़ने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ी
आदिशक्ति मां अंगारमोती ट्रस्ट के अध्यक्ष जीवराखन मरई ने बताया कि इस साल संतान प्राप्त के लिए परण पड़ने वाली महिलाओं की संख्या ने रिकार्ड तोड़ दिया है। सन 2024 में करीब 3 से 4 सौ महिलाओं ने परम्परा निभाई थी। इस साल 1000 से अधिक महिलाओं ने परण पड़कर संतान सुख की कामना की है।

मड़ई में भारी भीड़, 2 किमी तक रहा जाम
मां अंगारमोती की मड़ई देखने एक लाख से अधिक लोगों की भीड़ उमड़ी। 52 गांव के सिरहा बैगा अपने देवी-देवताओं के साथ माता के दरबार पहुंचे। गले में फूलों की माला, खुला बदन, हाथों में डांग देव विवाह लिए सिरहा गायता ने एक-दूसरे की कमर में हाथ रखकर नाचते झूमते मड़ई स्थल की परिक्रमा की। पुलिस प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए रूद्री से गंगरेल तथा सोरम से गंगरेल रास्ते में एक किमी पहले बैरियर लगाकर वाहनों को आगे जाने से रोका। इसके बावजूद दोनों तरफ के रास्ते में 2 किमी तक जाम लगा रहा। यातायात को व्यवस्थित करने पुलिस को खूब पसीना बहाना पड़ा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *