चॉइस सेंटर संचालक से अनूठी ठगी: ट्रक ड्राइवर बनकर आए ठग ने लगा दिया 4.39 लाख का चूना, ढूंढ़ नहीं पाई पुलिस

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डोंगरगढ़ – छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से सायबर ठगी का मामला सामने आया है। यहां के लाल बहादुर नगर के चॉइस सेंटर संचालक से ठग ने पैसे ट्रांसफर कराने के बहाने चार लाख से अधिक रुपये ठग लिए। मामले की शिकायत करने के बाद भी पुलिस अब तक आरोपी तक पहुंचने में नाकाम है। 10 महीने बीत जाने के बाद भी पीड़ित न्याय के लिए दर- दर भटक रहा है।

रोशन कुमार सिन्हा ग्राम पोस्ट और तहसील लाल बहादुर नगर जिला राजनांदगांव के निवासी हैं। जिनका इण्डसन बैंक में खाता है और वह डोंगरगढ़ शाखा का खाता धारक है। जनवरी 2025 के आखीरी सप्ताह में पीड़ित के दुकान में एक ट्रक ड्राईवर आया था जो अपने किसी कंपनी का कर्मचारी बताकर कहा कि, मुझे कुछ पैसो की जरूरत है मेरे सेठ जी पैसा डालेंगे तो आप देंगे क्या तो मैने हां बोला दिया।

आरोपी ने दो लाख से अधिक रुपये किए ट्रांसफर
इस दौरान आरोपी ने पीड़ित से उसका खाता नंबर लेकर अपने मालिक को फोन किया और फोन नहीं उठा रहा करके चला गया। उसके बाद 31 जनवरी 2025 को पीड़ित के खाते में 2 लाख 24 हजार 110 रूपये आया। फिर आरोपी ट्रक ड्राईवर के मालिक ने पीड़ित को फ़ोन करके बोला कि, आपके खाते में पैसा आया है चेक कर लीजिये। तब पीड़ित ने अपने खाते में पैसे देखकर आरोपी से सवाल किया कि, इतना पैसा किस चीज का है।

आरोपी ने स्टील ट्रांसपोटिंग की कहानी गढ़ी
पीड़ित के सवाल पर ट्रक ड्राईवर के मालिक ने बताया कि, नागपुर में दो-तीन लोहे स्टील की कंपनी है और हम पूरे भारत में ट्रांसपोटिंग का कार्य करते है। आरोपी ट्रक लेकर गया था इससे पीड़ित को यह बात सही लगी। अब तक पीड़ित ठग के झांसे में आ चुका था। इस बीच जब पीड़ित दो तीन दिन बाद जब किसी काम से बाहर गया था तब ट्रक ड्राइवर के मालिक का फोन आया कि आपका दुकान बंद है मेरा ड्राइवर पैसा ले जाने आया है।

13 लाख ट्रांसफर करने के बहाने ठगे चार लाख से अधिक
पीड़ित ने बोला कि, वह अभी बाहर है इसलिए पैसा नहीं दे सकता है। इतने में बोले कि, मैं फोन पे नंबर बता रहा हूं जो मेरे कंपनी के कर्मचारी है आप उसमें पैसा डाल दो हमें सामान लोड करवाना है। अब पैसा उसका था तो पीड़ित ने पैसे ट्रांसफर कर दिया। उन्होंने बताया कि, खाते में कुल छः बार में 13 लाख 84 हज़ार 730 रूपया आया था। इसके अलावा पीड़ित ने बचे पैसों को नगद में दे दिया।

पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से किया इनकार
पीड़ित को बाद में पता चला की वह अब साइबर ठगी का शिकार हो गया है। इसके बाद उसने मामले की शिकायत स्थानीय थाने और साइबर सेल में की। पीड़ित ने बताया कि, जब फरवरी में एफआईआर कराना चाहा तब चिचोला चौकी में उप निरीक्षक नरेश बंजारे ने पीड़ित को ही गलत बता दिया। इस दौरान पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया।पुलिस वालों ने जब शिकायत दर्ज नहीं की तब पीड़ित ने एसपी मोहित गर्ग से मामले में गुहार लगाई। इस दौरान उन्होंने एसपी को घटना की पूरी जानकारी दी। इसके बाद एसपी की फटकार के 15 दिनों के बाद पुलिस ने शिकायत दर्ज की।

10 महीने बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर
पीड़ित ने बताया कि, आरोपी ने मेरा खाता फ्रीज़ कर खाते से 4 लाख 39 हजार 872 रुपये ठग लिए है। अब हाल ही में मेरे खाते में (LIEN ) लीन लगाया गया है और बैंक ने बताया कि, यह साइबर पुलिस आदेश पर लगाया गया है। मुझसे अनजाने में यह सभी कार्य व्यापार संबंधित बताकर कराया सभी लेनदेन कराया गया है। पीड़ित 10 महीनों से अपने पैसे वापस लाने के लिए पुलिस, साइबर आफिस, बैंक आदि के चक्कर काट रहा है।

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