गणेशपुरा (मध्य प्रदेश)। फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के गणेशपुरा गांव में रविवार को घटी एक दर्दनाक वारदात ने पूरे इलाके को हिला दिया। खेत जा रहे किसान रामस्वरूप धाकड़ की बेरहमी से हत्या कर दी गई और उनकी दोनों बेटियों पर भी हमला हुआ। इस मामले में स्थानीय भाजपा नेता महेंद्र नागर समेत 18 लोगों के खिलाफ हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
कैसे हुआ हमला?
पुलिस और परिजनों के अनुसार, रामस्वरूप धाकड़ पत्नी के साथ खेत जा रहे थे। तभी महेंद्र नागर और उनके साथी रास्ते में घेरकर पहुंचे।
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आरोप है कि आरोपियों ने पहले लाठी-डंडों से पिटाई की।
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इसके बाद उन्हें थार जीप और ट्रैक्टर से कुचल दिया गया।
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परिवार का कहना है कि नागर पिछले कई महीनों से किसानों पर जमीन सस्ते में बेचने का दबाव बना रहे थे। इंकार करने पर यह हमला हुआ।
बेटियों पर भी हमला
चीख-पुकार सुनकर किसान की दोनों बेटियां मौके पर पहुंचीं। पीड़ित बेटी का आरोप है—
“पापा को बचाने गई तो उन्होंने हमें पकड़ लिया, मारा-पीटा, कपड़े फाड़ दिए और गोली भी चलाई।”
भाई रामकुमार धाकड़ ने बताया कि हमलावरों की संख्या करीब 20 थी। उन्होंने हवाई फायरिंग की और करीब एक घंटे तक किसी को मदद करने नहीं दी।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, गंभीर रूप से घायल किसान को आरोपी लंबे समय तक अस्पताल नहीं ले जाने दे रहे थे। जब तक अस्पताल पहुंचाया गया, इलाज के दौरान उनकी मौत हो चुकी थी।
थाना प्रभारी जयनारायण शर्मा ने कहा कि परिवार के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है।
राजनीति और विवाद
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कांग्रेस विधायक कुनवर ऋषि अग्रवाल ने सरकार को घेरा:
“प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। गृह मंत्री खुद मुख्यमंत्री हैं, लेकिन पुलिस सत्ता के दबाव में काम कर रही है।” -
ग्रामीणों का कहना है कि महेंद्र नागर लंबे समय से किसानों को धमकाकर जमीन हड़प रहे हैं। अब तक करीब 25 किसान गांव छोड़कर जा चुके हैं।
फिलहाल गांव में भारी पुलिस बल तैनात है और माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
यह घटना न सिर्फ किसान परिवार के लिए त्रासदी है, बल्कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक दबाव पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।