हफ्ते की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए शानदार रही। सोमवार को सेंसेक्स 690 अंक चढ़कर 84,906 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 206 अंक बढ़कर 26,000 के आंकड़े को पार कर गया।
इस तेजी के पीछे कई अहम वजहें रहीं—विदेशी निवेशकों की खरीदारी, वैश्विक बाजारों से पॉजिटिव संकेत और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर घटाने की उम्मीद।
किन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा तेजी?
निफ्टी के पैक में कई दिग्गज शेयरों ने मजबूती दिखाई—
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एसबीआई लाइफ
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रिलायंस इंडस्ट्रीज
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टाटा स्टील
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भारती एयरटेल
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टाटा मोटर्स
इनमें 4% तक का उछाल देखने को मिला। इसके अलावा वोडाफोन आइडिया के शेयरों में 27 अक्टूबर को 9% की तेजी दर्ज की गई।
वोडाफोन आइडिया पर सरकार का रुख
तेजी की एक वजह वोडाफोन आइडिया का मामला भी रहा। दरअसल, सरकार ने कहा कि वह एजीआर मामले पर कंपनी के अनुरोध पर पुनर्विचार करने को तैयार है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे नीतिगत मामला मानते हुए केंद्र को निर्णय लेने की छूट दी।
फेडरल रिजर्व से उम्मीदें
अमेरिका में महंगाई दर उम्मीद से कम रही, जिससे यह संभावना बढ़ी कि फेडरल रिजर्व अपनी बैठक (28-29 अक्टूबर) में ब्याज दर घटा सकता है। इस उम्मीद ने उभरते बाजारों, खासकर भारत में एफआईआई की दिलचस्पी को बढ़ाया।
विदेशी निवेशकों का रुख
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24 अक्टूबर को विदेशी निवेशकों ने 621 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
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अक्टूबर की शुरुआत में बिकवाली के बाद अब खरीदारी का सिलसिला लौट आया है।
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महीने के अंत तक एफआईआई की नेट सेलिंग सिर्फ ₹3363 करोड़ रही, जो बेहद कम है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की फेस्टिव डिमांड, अच्छे कॉरपोरेट नतीजे और संभावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील विदेशी निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। हालांकि, ऊंचाई पर मुनाफावसूली से बाजार की रफ्तार कुछ थम भी सकती है।
वैश्विक बाजारों से मजबूत संकेत
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एशियाई बाजार: कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225, शंघाई एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग – सभी में तेजी रही।
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अमेरिकी बाजार: डॉव जोन्स और नैस्डैक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे।
टेक्निकल एनालिसिस
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के आनंद जेम्स के मुताबिक—
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निफ्टी का पैटर्न मॉर्निंग स्टार जैसा दिख रहा है, जो अपट्रेंड का संकेत देता है।
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अगर निफ्टी 25,940-26,000 के स्तर को पार कर लेता है, तो अगला लक्ष्य 26,186 हो सकता है।
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लेकिन अगर यह स्तर टूटता नहीं है, तो बाजार वापस 25,400 तक गिर सकता है।
कुल मिलाकर, हफ्ते के पहले ही दिन भारतीय शेयर बाजार जोश से भरा दिखा। अब निवेशकों की निगाहें फेड की पॉलिसी और ग्लोबल ट्रेंड्स पर टिकी रहेंगी।