रायपुर। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची को सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए अब बिहार की तर्ज पर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सर्वे शुरू किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, पहले चरण में देश के 10 से 15 राज्यों में यह सर्वे होने जा रहा है। राज्य में इसके लिए बुनियादी तैयारियां कर ली गई हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी सोमवार शाम 4:15 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देशभर के लिए तारीखों की घोषणा करेंगे। माना जा रहा है कि SIR की प्रक्रिया अगले हफ्ते से पूरे देश में एक साथ शुरू होगी।
पहले ही हो चुकी है टॉप-टेबल एक्सरसाइज
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिलों के कलेक्टरों ने पुरानी मतदाता सूची और मौजूदा लिस्ट का मिलान कर टेबल-टॉप एक्सरसाइज पूरी कर ली है। अब केंद्रीय निर्वाचन आयोग के आदेश मिलते ही अगले चरण की कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
किन राज्यों में फिलहाल नहीं होगा सर्वे
आयोग के अधिकारियों ने बताया कि जिन राज्यों में अभी स्थानीय निकाय चुनाव चल रहे हैं, वहां SIR फिलहाल टाला जाएगा। वजह यह है कि基层 कर्मचारी चुनावी काम में व्यस्त हैं और एक साथ सर्वे करना संभव नहीं है। ऐसे राज्यों में निकाय चुनाव खत्म होने के बाद यह प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
SIR के तहत क्या होगा
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नए वोटर्स का पंजीकरण किया जाएगा।
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मृत या दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके लोगों के नाम हटाए जाएंगे।
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मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट और पारदर्शी बनाया जाएगा।
इस कवायद का उद्देश्य है कि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची में किसी तरह की गड़बड़ी न रहे।
छत्तीसगढ़ में कितने वोटर
1 जनवरी 2025 तक छत्तीसगढ़ में कुल 2 करोड़ 11 लाख 5 हजार 391 मतदाता दर्ज हैं। इनमें से 1 करोड़ 4 लाख 27 हजार 842 पुरुष, 1 करोड़ 6 लाख 76 हजार 821 महिला और 728 तृतीय लिंग मतदाता हैं। राज्य का लिंगानुपात 1024 दर्ज किया गया है।
बिहार में क्यों हुआ था विवाद
बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले हुए SIR सर्वे पर विपक्ष ने सरकार पर वोट चोरी के आरोप लगाए थे। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। कोर्ट ने हालांकि चुनाव आयोग की प्रक्रिया को सही ठहराया और बिहार की अंतिम वोटर लिस्ट को भी आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में पेश किया। उस दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।
छत्तीसगढ़ में भी तैयारी पूरी
छत्तीसगढ़ निर्वाचन विभाग का कहना है कि टेबल-टॉप एक्सरसाइज पूरी हो चुकी है। जैसे ही आयोग का आदेश मिलेगा, SIR को राज्य के सभी जिलों में एक साथ लागू कर दिया जाएगा।
कुल मिलाकर, बिहार की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में शुरू होने जा रहा यह SIR सर्वे, राज्य की मतदाता सूची को और ज्यादा पारदर्शी व त्रुटिरहित बनाने की बड़ी कवायद है।